क्या 1997 में पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कर चुके हैं प्रदर्शन?
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शनकारी छात्र कई दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। सोमवार को भीड़ संसद मार्च कर रही थी, तभी पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले तक दागे। इस बीच, प्रधान के छात्र जीवन की एक पुरानी घटना सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह पेपर लीक के खिलाफ एक आंदोलन में शामिल हुए थे। क्या था ये आंदोलन? आइए, जानते हैं।
आंदोलन
1997 की है घटना
प्रधान के आंदोलन में शामिल होने की घटना 1997 की बताई जा रही है, जिसे 2021 में इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट से लिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा में राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद ओडिशा में विरोध-प्रदर्शन हुआ था और प्रधान ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ 1,500 छात्रों का नेतृत्व किया था।
उस समय प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय सचिव थे और भाजपा में शामिल होने वाले थे।
घटना
प्रधान पर हुआ था लाठीचार्ज
रिपोर्ट के मुताबिक, ABVP ने भुवनेश्वर में ओडिशा सचिवालय के बाहर धरना आयोजित किया था, जिसे पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान धर्मेंद्र घायल हुए थे। उनके फ्रैक्चर हुआ था। हालांकि, उस घटना ने उन्हें राज्य के प्रमुख छात्र नेताओं में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।
प्रधान ने 18 वर्ष की आयु में छात्र आंदोलन में प्रवेश किया था और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई थी।
घटना
आज क्यों याद की जा रही है घटना?
यह घटना आज इसलिए प्रासंगिक है, क्योंकि NEET पेपर लीक के बाद 21 छात्र अपनी जान दे चुके हैं और छात्र धर्मेंद्र प्रधान को कमजोर शिक्षा मंत्री मान रहे हैं।
सोमवार को उनके इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने संसद मार्च किया था, लेकिन पुलिस लाठीचार्ज में कई छात्र बुरी तरह घायल हो गए, जिनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
शिक्षा मंत्री बनने से पहले प्रधान पेट्रोलियम मंत्री थे। उन्होंने 2021 में निशंक पोखरियाल के बाद पद संभाला हैं।
ट्विटर पोस्ट
धर्मेंद्र प्रधान भी पेपर लीक का विरोध कर चुके हैं
In 1997, this man was the ABVP National Secretary and was just about to join the Bharatiya Janata Party. There was a paper leak in Odisha and there was a major protest. This man participated in them. He was beaten by the police.
— Mohak Mangal (@mohakmangal) July 22, 2026
"We staged a protest against the Odisha… pic.twitter.com/U8UojIQ9BF
परिवार
पिता भी थे भाजपा के प्रमुख नेता
ओडिशा के अंगुल जिले के तालचर में पैदा हुए प्रधान के पिता देबेंद्र प्रधान, ओडिशा के प्रमुख भाजपा नेताओं में से एक थे। तब पार्टी ओडिशा में खुद को मजबूत कर रही थी।
देबेंद्र प्रधान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में परिवहन और कृषि राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। वे ओडिशा के देवगढ़ से सांसद थे।
देबेंद्र प्रधान ने 2004 में जब यह सीट छोड़ी, तो उनके बेटे धर्मेंद्र प्रधान को उत्तराधिकारी बनाया गया।
ट्विटर पोस्ट
ओडिशा में किया था प्रदर्शन
🚨Union Education Minister Dharmendra Pradhan protested against paper leak in 1997 in front of Odisha Secretariat as National Secretary of Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP); now faces demands of resignation over the same issue pic.twitter.com/CV7kJpt8Oc
— The Tatva (@thetatvaindia) July 22, 2026