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महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन से जुड़ा 131वां संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित नहीं हो सका
महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर लोकसभा में मतदान हो रहा है

महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन से जुड़ा 131वां संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित नहीं हो सका

लेखन आबिद खान
Apr 17, 2026
07:34 pm

क्या है खबर?

महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित नहीं हो पाया है। विधेयकों के पक्ष में 278 और विरोध में 211 सांसदों ने वोट किया। विधेयकों पर बीते दिन करीब 13 घंटे और आज सुबह से चर्चा हो रही थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने चर्चा में हिस्सा लिया। अब तीनों विधेयकों को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

कानून

सरकार ने महिला आरक्षण कानून लागू किया

गुरुवार रात सरकार ने महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 लागू कर दिया है। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। ये विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। हालांकि, परिसीमन और जनगणना की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब जब परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पारित हो गया है और जनगणना भी जाेरी है, तो सरकार ने इसे लागू कर दिया है।

विधेयक

तीनों विधेयकों के बारे में जानिए

केंद्र सरकार जो 3 विधेयक लाई हैं, उसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक में लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव है, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता खुलेगा। परिसीमन (संशोधन) विधेयक में परिसीमन आयोग के गठन और नई जनगणना आधारित सीटों का बंटवारा करने का प्रावधान है। तीसरे विधेयक में केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन का प्रावधान है।

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अपील

प्रधानमंत्री ने की सांसदों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं सभी सांसदों से कहूंगा आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए। देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी, लोकतंत्र और सशक्त होगा। आइए हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को देश की आधी आबादी को उसका हक दें।'

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