
नेताओं के भड़काऊ बयानों से दिल्ली में हुआ भाजपा को नुकसान- अमित शाह
क्या है खबर?
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा में अपनी पार्टी की हार के पीछे भड़काऊ बयानों को वजह माना है।
टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में शाह ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा 'गोली मारो' और 'भारत वर्सेज पाकिस्तान' जैसे बयान नहीं दिये जाने थे और हो सकता है कि पार्टी को इनकी वजह से नुकसान उठाना पड़ा हो।
शाह ने यह भी स्वीकार किया कि चुनावों को लेकर उनका मूल्यांकन गलत निकला।
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'शाहीन बाग तक करंट' वाले अपने बयान को बताया सही
शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान दिए 'बटन इतनी जोर से दबाना कि शाहीन बाग तक करंट जाए' को सही ठहराया है।
उन्होंने कहा, "मैंने कुछ गलत नहीं कहा। करंट का मतलब किसी को झटका देना नहीं है। यह लोगों को बताना है कि जीत इस विचार से जुड़ी है। इसलिए अपने वोट के बारे में विचार करिये।"
कश्मीर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर जाने की इच्छा रखने वाले हर किसी को सरकार इजाजत दे रही थी।
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बहु-बेटी के रेप वाले बयान नहीं दिए गए- शाह
भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर बोलते हुए शाह ने कहा, "ऐसा बयान नहीं दिया किसी ने कि बहू-बेटियों का बलात्कार करेंगे, मगर बाकी बयान भी नहीं देने चाहिए थे। पार्टी ने तुरंत ही अपने-आप को अलग किया। हर स्तर के कार्यकर्ता चुनाव के मैदान में होते हैं। कोई कार्यकर्ता कुछ बोल जाता है, पर जनता को मालूम है कि पार्टी कौन है। पार्टी के प्रवक्ता होते हैं, पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड होता है। पार्टी के नेता होता है।"
जानकारी
कार्यकर्ताओं के बयान भाजपा का नजरिया नहीं हो सकता- शाह
शाह ने आगे कहा, "अगर पार्टी के नेताओं और प्रवक्ता को नजरअंदाज करके, कोई भी व्यक्ति बोलेगा, कोई छोटा व्यक्ति बोला है, ये मेरा नहीं कहना है, परंतु ये भाजपा का नजरिया नहीं हो सकता।"
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बयानों के कारण पार्टी को हुआ नुकसान- शाह
जब शाह से पूछा गया कि क्या भाजपा को इन बयानों के लिए नुकसान झेलना पड़ा तो उन्होंने कहा, "यह हो सकता है हमें इसका नुकसान उठाना पड़ा हो। जब आप वोट करते हैं तो कोई लिखता नहीं है कि उसने वोट क्यों किया। इसलिए हमें पता नहीं चलेगा, लेकिन यह संभव है कि हमें नुकसान उठाना पड़ा हो।"
गौरतलब है कि भाजपा दिल्ली की 70 सीटों में से केवल आठ जीत पाई है।
विवादित बयान
भाजपा नेताओं ने दिए थे ये भड़काऊ बयान
दिल्ली चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने जमकर भड़काऊ बयान दिये थे। 28 जनवरी को भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा था कि अगर शाहीन बाग में नागरिकता कानून और प्रस्तावित NRC को लेकर प्रदर्शन जारी रहता है तो दिल्ली में 'कश्मीर जैसी स्थिति' हो जाएगी, जहां प्रदर्शनकारी 'घरों में घुसकर बहन-बेटियों का रेप करेंगे।'
इससे एक दिन पहले वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने रैली में 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' के नारे लगवाए थे।
विवादित ट्वीट
कपिल मिश्रा ने कही थी भारत-पाकिस्तान के मुकाबले की बात
वहीं 22 जनवरी को मॉडल टाउन विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था कि 8 फरवरी (मतदान के दिन) दिल्ली में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होगा। इससे अगले दिन उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, 'AAP और कांग्रेस ने शाहीन बाग जैसे छोटे पाकिस्तान बना दिए हैं। इसके जवाब में 8 फरवरी को हिंदुस्तान खड़ा होगा।'
11 फरवरी को आए नतीजों में कपिल मिश्रा अपनी सीट से चुनाव हार गए।
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शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शनों पर क्या बोले शाह?
शाह ने शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों पर भी बात की।
उन्होंने कहा, "हर किसी के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। मैं कहना चाहता हूं कि जिस किसी को भी नागरिकता कानून को लेकर दिक्कत है वह मेरे ऑफिस में बात करके समय लें। समय लेने के तीन दिन के भीतर मैं उनसे मिलूंगा और इस मुद्दे पर बातचीत करुंगा।"
शाह कह चुके हैं कि सरकार नागरिकता कानून को वापस नहीं लेगी।