LOADING...
थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, गठबंधन संभालने समेत ये हैं चुनौतियां
थलापति विजय के सामने गठबंधन, विपक्ष और राज्य के आर्थिक हालात समेत कई चुनौतियां होंगी

थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, गठबंधन संभालने समेत ये हैं चुनौतियां

लेखन आबिद खान
May 10, 2026
04:05 pm

क्या है खबर?

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के थलापति विजय आखिरकार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन ही गए हैं। उन्होंने चेन्नई में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। बहुमत से दूर रह गए विजय ने कांग्रेस, लेफ्ट समेत अन्य छोटी पार्टियों का समर्थन जुटाकर सरकार बना ली है। वे 59 सालों में पहले गैर-द्रविड़ पार्टी की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। आइए समझते हैं विजय के सामने क्या-क्या चुनौतियां हैं।

गठबंधन

गठबंधन सरकार चलाना सबसे बड़ी चुनौती

विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन सरकार को चलाने की होगी। इसमें विजय का कम अनुभव चुनौतियों को और बढ़ाएगा। पार्टियों ने भले ही बिना शर्त समर्थन दिया हो, लेकिन सरकार बनने से पहले जिस तरह का तमाशा हुआ था, उससे ये तय है कि आगे चलकर विवाद उपज सकते हैं। VCK ने पहले समर्थन का ऐलान किया फिर मुकर गई। इस बीच रिपोर्ट आई कि कथित तौर पर VCK उपमुख्यमंत्री पद मांग रही है।

अनुभव

विजय की युवा लेकिन कम अनुभवी टीम

विजय के साथ जिन 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है, वे युवा और अनुभवी लोगों को मिश्रण हैं। हालांकि, विजय के ज्यादातर विधायक पहली बार विधानसभा में आए हैं। ऐसे में शासन चलाने में अनुभव की कमी रोड़ा बन सकती है। TVK के पास अभी भी DMK या और AIADMK जैसी पार्टियों द्वारा दशकों में निर्मित मजबूत संस्थागत ढांचा नहीं है। ज्यादातर लोग युवा और अनुभवहीन हैं।

Advertisement

विपक्ष

विपक्ष के रूप में DMK-AIADMK जैसी पार्टियां

विजय को DMK और AIADMK जैसी दशकों पुरानी पार्टियों को विपक्ष के तौर पर सामना करना होगा। एमके स्टालिन और DMK भले ही सत्ता से बाहर हो गए हों, लेकिन तमिलनाडु के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य में उनकी जड़ें अभी भी गहरी जमी हुई हैं। इसी तरह AIADMK कमजोर स्थिति के बावजूद ग्रामीण और जातिगत बहुल क्षेत्रों में असर बनाए हुए है। विजय के सामने अपने कुनबे को संभालने के साथ मजबूत विपक्ष का सामना करने की भी चुनौती होगी।

Advertisement

केंद्र

केंद्र सरकार से रिश्ते भी बढ़ाएंगे परेशानी

विजय ने NEET, भाषा और संघीय अधिकारों जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। यानी आने वाले दिनों में राज्य और केंद्र सरकार के बीच तनाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में राज्यपाल का भूमिका भी अहम होगी, जो सरकार गठन के दौरान पैदा हुए मतभेदों से परेशानियां और बढ़ाने का संकेत दे रही हैं। राज्य के आर्थिक हालात विजय की चुनौतियों को और बढ़ा देंगे।

आंकड़े

5 पार्टियों के समर्थन से विजय ने बनाई सरकार

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय की TVK ने 108 सीटें जीती हैं। विजय ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। यानी TVK के पास 107 विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस के 5, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के 2-2 विधायकों का भी समर्थन है। यानी कुल संख्या हो गई 116। VCK और IUML के 2-2 विधायकों ने भी समर्थन दिया है।

Advertisement