थलापति विजय के शपथ ग्रहण पर संशय, 2 पार्टियों ने राज्यपाल को नहीं भेजा समर्थन पत्र
क्या है खबर?
तमिलनाडु में चुनाव परिणाम के बाद चल रहा राजनीतिक गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। थलापति विजय ने आज तीसरी बार राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया था। इसके बाद खबर आई कि कल यानी शनिवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि, अब जानकारी सामने आई है कि अभी तक राज्यपाल को 2 पार्टियों का समर्थन पत्र नहीं मिला है।
समर्थन
विजय को किन-किन पार्टियों का समर्थन?
विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) ने बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया। इसके बाद विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) भी अपने 2 विधायकों का समर्थन देने को राजी हो गई। TVK ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से तीसरी बार संपर्क साधा, जिसने भी देर-शाम अपने 2 विधायकों का समर्थन दे दिया। अभी तक IUML और VCK ने राज्यपाल को समर्थन पत्र नहीं भेजा है।
जानकारी
VCK ने समर्थन के बदले उपमुख्यमंत्री पद मांगा- रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, VCK ने TVK को समर्थन देने के बदले में उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है। हालांकि, पार्टी ने दावा किया है कि राज्यपाल को समर्थन पत्र ईमेल के जरिए भेज दिया गया है।
घोषणा
CPI और CPIM कैबिनेट में नहीं शामिल होगी
तमिलनाडु विधानसभा में CPI विधायक दल के नेता टी रामचंद्रन ने पत्र में लिखा कि वह 2 विधायकों की ओर से सरकार गठन के लिए TVK को बिना शर्त समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि समर्थन तमिलनाडु के लोगों के लिए स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन के हित में दिया जा रहा है। CPIM के विधानमंडल दल के नेता आर चेल्लास्वामी ने भी पत्र जारी कर बिना शर्त समर्थन दिया। दोनों पार्टियां कैबिनेट में शामिल नहीं होंगी।
फैसला
भाजपा को तमिलनाडु से दूर रखने के लिए समर्थन- वामदल
CPIM के प्रदेश सचिव टीटी शनमुगम ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि TVK ने CPI, CPIM और VCK से संपर्क किया था, अगर 10 मई तक सरकार नहीं बनी, तो तमिलनाडु में राज्यपाल शासन होगा, जिससे भाजपा पिछले दरवाजे से सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि DMK गठबंधन का फर्ज है कि वह तमिलनाडु में भाजपा को आने से रोके। इसलिए CPI-CPIM ने TVK को समर्थन दिया, ताकि दोबारा चुनाव न हो।
समर्थन
3 बार राज्यपाल से मिल चुके हैं विजय
तमिलनाडु के चुनाव में विजय ने 107 सीट जीती (विजय ने 2 सीट जीती है, इसलिए एक सीट छोड़नी होगी) हैं, जबकि कांग्रेस के 5 विधायकों से यह संख्या 112 हो गई थी। विजय ने 112 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल आर्लेकर से 2 बार मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने बहुमत की संख्या 118 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ आने को कहा था। आज विजय ने तीसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की थी।
दल
कांग्रेस समेत सभी छोटी पार्टियों का DMK से टूटेगा गठबंधन
कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों समेत जिस VCK और मुस्लिम लीग पार्टी ने विजय को समर्थन दिया है, वे पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार में शामिल थीं। सभी पार्टियों के TVK में शामिल होने से DMK से गठबंधन टूट गया है। IUML पहले DMK का साथ न छोड़ने की बात कह रही थी, लेकिन शुक्रवार शाम को अपना फैसला बदल लिया। TVK को समर्थन देने वाली पार्टियां भाजपा-AIADMK को रोकना चाहती हैं।
अपील
स्टालिन ने राज्यपाल से नई सरकार के गठन में देरी न करने का अनुरोध किया
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने एक्स पर नई सरकार के गठन में हो रही देरी को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा कि विधानसभा भंग हो चुकी है, ऐसे में नई सरकार का गठन होना चाहिए ताकि विजयी विधायक शपथ लें और राज्य में कल्याण के काम को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुरोध किया कि राज्यपाल नई सरकार की स्थापना को सुगम बनाने के लिए आवश्यक संवैधानिक कदम तत्काल उठाएं।