कौन हैं युमनाम खेमचंद, जो बनेंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री?
क्या है खबर?
मणिपुर में रुक-रुककर जारी जातीय हिंसा के बीच राज्य में खाली मुख्यमंत्री की कुर्सी को भरने के लिए भाजपा ने नया नाम तय कर लिया है। राज्य के नए मुख्यमंभी युमनाम खेमचंद सिंह (62) होंगे। राजधानी इंफाल में मंगलवार को पिछले डेढ़ घंटे से भाजपा विधायक दल की बैठक चल रही थी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगी है। इसके बाद खेमचंद को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है।
चुनाव
12 फरवरी से पहले लेंगे शपथ
खेमचंद 12 फरवरी से पहले राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बुधवार को सिंह के नाम की घोषणा दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्य के समन्वयक संबित पात्रा, मणिपुर भाजपा के प्रभारी अजीत गोपछड़े और पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने की। मैतेई समुदाय से आने वाले खेमचंद को मुख्यमंत्री बनाए जाने से हिंसाग्रस्त राज्य में स्थिरता लाने की कोशिश की जाएगी। भाजपा नेता एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को हिंसाग्रस्त राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
ट्विटर पोस्ट
मणिपुर के नए मुख्यमंत्री चुने गए युमनाम खेमचंद सिंह
Delhi: BJP Leader Yumnam Khemchand Singh has been elected as the leader of the legislative party and will be the new Chief Minister of Manipur. Central observer Tarun Chugh welcomed him by draping a traditional patka, with Manipur State President and Northeast in-charge Sambit… pic.twitter.com/FtkM6iIHSs
— IANS (@ians_india) February 3, 2026
शासन
मणिपुर में एक साल से लगा है राष्ट्रपति शासन
बीरेन सिंह के 9 फरवरी को इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसके बाद से मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली पड़ी है। मणिपुर में 60 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, जो अभी निलंबित है। यहां भाजपा के 37 विधायक और उसके सहयोगी दलों नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) और नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के पास क्रमशः 6 और 5 विधायक हैं। भाजपा को 3 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है।
पहचान
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
खेमचंद ने अपनी राजनीति की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस (TMC) से की थी। वे सिंगजामेई विधानसभा सीट से पहला चुनाव लड़ा और हार गए। उसके बाद वे भाजपा से जुड़े और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के करीब आए। उन्होंने 2017 और 2022 में दोबारा से सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उनको मणिपुर विधानसभा का स्पीकर बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने एंटी-डिफेक्शन मामले में कुछ विधायकों को अयोग्य ठहराया था।
दावेदार
2022 में थे मुख्यमंत्री के दावेदार
खेमचंद 2022 में दूसरी बार विधानसभा जीतने के बाद मुख्यमंत्री के दावेदार थे, लेकिन बीरेन सिंह की दिल्ली में पहुंच के कारण वे पीछे रह गए। हालांकि, उनको बीरेन के मंत्रिमंडल में नगरपालिका प्रशासन, आवास विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, शिक्षा जैसे मंत्रालय दिए गए थे। उन्होंने मणिपुर में हिंसा के दौरान शांति प्रक्रिया में भाग लिया था और 36 समूहों के बीच शांति की वकालत की थी। उनके घर पर बम से हमला भी हो चुका है।
खिलाड़ी
राजनीति में आने से पहले मार्शल आर्ट्स गुरु थे खेमचंद
राजनेता होने के साथ ही खेमचंद एक पूर्व स्पोर्ट्समैन और तायक्वोंडो कोच भी हैं। उन्होंने असम तायक्वोंडो एसोसिएशन की स्थापना की और RSS शाखाओं में मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग भी देते हैं। खेमचंद पांचवें डैन ब्लैक बेल्ट धारक हैं, जो ग्लोबल ट्रेडिशनल तायक्वोंडो फेडरेशन (सियोल, दक्षिण कोरिया) द्वारा प्रदान किया गया है। वे भारत से इस स्तर पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक मार्शल आर्ट्स के कोच थे।