
हरियाणा में कांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, भूपिंदर हुड्डा बेटे के साथ छोड़ेंगे पार्टी!
क्या है खबर?
नेतृत्व संकट से जूझ रही कांग्रेस को हरियाणा में बड़ा झटका लग सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र और 10 मौजूदा विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
हुड्डा ने 18 अगस्त को रोहतक में रैली बुलाई है। माना जा रहा है कि इस रैली में हुड्डा अपने अगले कदम का ऐलान कर सकते हैं।
बता दें, अगले दो-तीन महीनों में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं।
बैठक
कार्यसमिति की बैठक पर निगाहें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुड्डा गुट आलाकमान से पहले ही प्रदेश में पार्टी नेतृत्व बदलने की गुहार लगा चुका है।
शनिवार को कार्यसमिति की बैठक चल रही है। कहा जा रहा है कि इसमें हरियाणा के मुद्दे पर भी बात होगी।
अगर इस बैठक हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन पर मुहर नहीं लगी तो हुड्डा अपनी नई राह पकड़ सकते हैं।
माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं।
संभावना
हुड्डा के करीबी नेता ने दिया नई पार्टी बनाने का संकेत
हुड्डा के करीबी और हरियाणा सरकार में मंत्री रहे कृष्णमूर्ति हुड्डा ने कहा कि 18 अगस्त को होने वाली रैली में धमाकेदार घोषणा करेंगे।
उन्होंने कहा कि रैली में झंडे तो कांंग्रेस के लगेंगे, लेकिन इस घोषणा के बाद उन झंडो का क्या होगा, यह देखना पड़ेगा।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की यह घोषणा हरियाणा की राजनीति में बड़ा परिवर्तन लेकर आएगी। इस दौरा मंच पर हैरान कर देने वाले चेहरे मौजूद होंगे।
मतभेद
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था अनुच्छेद 370 हटाने का समर्थन
कांग्रेस के पूर्व सासंद दीपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी पार्टी में सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का समर्थन करने वाले पहले नेता हैं।
दीपेंद्र ने पार्टी लाइन से अलग जाते हुए कहा कि आज के समय में अनुच्छेद 370 को बनाए रखने की जरूरत नहीं है। देश को आगे बढ़ना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें कि दीपेंद्र और उनके पिता भूपिंदर सिहं हुड्डा ने लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों को हार का सामना करना पड़ा था।
हरियाणा कांग्रेस
हरियाणा कांग्रेस में चरम पर है आपसी फूट
हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से नेताओं के बीच आपसी मतभेद चरम पर हैं।
10 लोकसभा सीटों वाले राज्य में कांग्रेस में कई गुट बने हुए हैं और हर गुट का नेता अपने को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बता रहा है।
इसके अलावा हुड्डा गुट लंबे समय से प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को बदलने की मांग उठाता रहा है।
प्रदेश इकाई में फूट का नजारा जून में हुई बैठक में खुलकर सामने आया था, जहां बात मरने-मारने तक पहुंच गई थी।
डाटा
तंवर ने कहा- मुझे गोली मार दो
बैठक में आपसी तकरार बढ़ने पर अशोक तंवर ने अपना आपा खो दिया और कहा, "मैं अकेला हूं लेकन मैं आप सभी का सामना करूंगा। मेरे को अगर खत्म करना है तो मुझे गोली मार दो।" इस बैठक में पार्टी के कई नेता मौजूद थे।