
प्रशांत किशोर से मिले थे गांधी परिवार के तीनों सदस्य, 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर अटकलें
क्या है खबर?
कल दिल्ली में गांधी परिवार के तीनों सदस्य पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मिले थे। पहले केवल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रशांत के साथ बैठक करने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन अब कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में शामिल हुई थीं।
NDTV ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बैठक में आने वाले विधानसभा से भी "अहम मुद्दे" पर चर्चा हुई।
मुलाकात
कल दिन में राहुल गांधी से मिले थे प्रशांत किशोर
कई नेताओं को चुनाव जीतने में मदद कर चुके प्रशांत किशोर कल दिल्ली स्थित राहुल गांधी के घर पहुंचे थे और उनके साथ बैठक की थी। इस बैठक में प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और हरीश रावत भी मौजूद रहे थे।
तब खबरें आई थीं कि प्रशांत पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के झगड़े के संबंध में राहुल से मिलने आए हैं और जल्द ही इस विवाद का कोई समाधान निकल सकता है।
अटकलें
इसलिए भी पंजाब से जोड़ी गई थी प्रशांत की मुलाकात
इस बैठक को इसलिए भी पंजाब से जोड़कर देखा गया था क्योंकि प्रशांत किशोर अमरिंदर सिंह के सलाहकार हैं और वे पिछले हफ्ते उनसे मिले भी थे।
2017 पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने अमरिंदर के रणनीतिक सलाहकार के तौर पर भी काम किया था और इस चुनाव से पहले सिद्धू को भाजपा से कांग्रेस में लाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा इस बैठक को आगामी पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा गया था।
रिपोर्ट
सूत्रों ने कहा- विधानसभा चुनावों से भी अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
हालांकि अब कांग्रेस के सूत्रों ने कहा है कि इस बैठक में गांधी परिवार के तीनों सदस्य शामिल थे और इसका मुद्दा पंजाब और विधानसभा चुनाव से बड़ा था।
इससे संकेत मिलता है कि 2024 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को तैयार करने में प्रशांत एक अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में गांधी परिवार के तीनों सदस्यों का शामिल होना दर्शाता है कि रणनीति पर जो भी फैसला होगा, वो सर्वसम्मति से होगा।
जानकारी
शरद पवार से भी दो बार मुलाकात कर चुके हैं प्रशांत
इस बैठक को 2024 लोकसभा चुनाव से जोड़कर इसलिए भी देखा जा रहा है क्योंकि प्रशांत हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार से दो हफ्ते में दो बार मिले थे। प्रशांत ने इस मुद्दे पर कुछ भी साफ नहीं किया है।
पुराना रिकॉर्ड
प्रशांत ने आखिरी बार 2017 में किया था कांग्रेस के साथ काम
प्रशांत किशोर ने आखिरी बार 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ काम किया था। इस अभियान में उन्हें बड़ी असफलता का सामना करना पड़ा था और सपा और कांग्रेस का गठबंधन बुरी तरह से हारा था।
माना जाता है कि कांग्रेस इस चुनाव में किशोर के कहे मुताबिक काम करने में नाकाम रही थी और उनकी कुछ सलाहों को मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से प्रशांत कांग्रेस के साथ काम नहीं करते हैं।