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मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर हंगामा
मानसून सत्र से पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई

मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर हंगामा

लेखन आबिद खान
Jul 19, 2026
12:37 pm

क्या है खबर?

कल यानी 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले आज संसद भवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हम सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करते हैं कि वे सत्र के सुचारू संचालन में योगदान दें।" इस दौरान TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष ने वॉकआउट किया लेकिन कुछ देर बाद बैठक में शामिल हुआ।

वॉकआउट

TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष का वॉकआउट

बैठक के दौरान हंगामा भी देखने को मिला। TMC के बागी सांसद जिस NCPI पार्टी में शामिल हुए हैं, उसे भी बैठक में बुलाया गया। अभी तक लोकसभा स्पीकर ने इन बागी सांसदों की पार्टी को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है।

इसके बाद विपक्षी नेता भड़क गए और बैठक से वॉकआउट कर दिया। सांसदों ने मांग की कि बागियों को अलग बैठाया जाए। इसके बाद उनके अलग बैठने की व्यवस्था की गई।

बयान

महुआ मोइत्रा ने पूछा- किस आधार पर बैठक में बुलाए गए बागी सांसद?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया, क्योंकि तथाकथित NCPI के सदस्यों को मिलाकर, TMC की संख्या 28 दिखाई गई है। इन बागी 20 सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है, तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन बागी सांसदों को निमंत्रण दिया।"

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विरोध

विपक्षी नेताओं ने फैसले पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "हमने संविधान को बनाए रखने के लिए वॉकआउट किया। स्पीकर के अंतिम फैसले से पहले ये कदम पूरी तरह असंवैधानिक था।"

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने पूछा कि किस प्रावधान के तहत बागी सांसदों को अलग पहचान दी गई।

AAP के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता ने कहा, "AAP के 7 सांसदों का मामला अभी भी लंबित था। इसके बावजूद उन्हें अलग बैठने की जगह दी गई। यह लोकतंत्र की हत्या है।"

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सदस्य

बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?

बैठक में शामिल होने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, CPI(M) के जॉन ब्रिटास, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, TMC के सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, RSP के एनके प्रेमचंद्रन, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, JDU के संजय झा, DMK के तिरुचि शिवा, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे और अरविंद सावंत थे।

सरकार की ओर से रक्षा मंत्री सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।

सत्र

सत्र के हंगामेदार रहने के आसार

मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी।

महंगाई, बेरोजगारी, E-20 पेट्रोल, NEET पेपर लीक, राम मंदिर दान विवाद, परिसीमन और SIR जैसे मुद्दे हंगामे का केंद्र रहेंगे।

इसके अलावा विपक्ष क्षेत्रीय पार्टियों में टूट-फूट और राजनीतिक दल-बदल के मामलों को भी उठाने की तैयारी कर रहा है।

सत्र से पहले AAP, शिवसेना और TMC में हुई टूट से सरकार की ताकत बढ़ी है।

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