भगवंत मान पर राहुल गांधी की शराब वाली टिप्पणी से भड़की AAP, बढ़ा सियाती तनाव
क्या है खबर?
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव काफी बढ़ गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सुबह-सुबह 'शराब की गंध आने' का गंभीर आरोप लगाने के बाद दोनों पार्टियों में ठन गई है। इस बयान पर AAP ने पलटवार करते हुए इसे बेहद सस्ता और राहुल के कद के विपरीत नीचतापूर्ण हमला करार दिया है।
बयान
राहुल ने क्या दिया बयान?
संगरूर जिले में कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' में राहुल ने कानून-व्यवस्था, ड्रग्स और किसानों के मुद्दे पर AAP सरकार को आड़े हाथों लिया।
राहुल ने कहा, "लोकसभा में वह (भगवंत मान) हमारे साथ बैठकर चुटकुले सुनाया करते थे। सुबह 11 बजे उनसे शराब की बदबू आती थी। मैं नहीं कह रहा कि मान को शराब नहीं पीनी चाहिए, यह उनका निजी मामला है, लेकिन अगर आप ड्रग्स से लड़ना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री हर शाम नशे में नहीं हो सकते।"
जानकारी
दिल्ली से सरकार चलाए जाने का आरोप
राहुल ने जनता से कहा कि पंजाब को बेहतर भविष्य के लिए ऐसी सरकार की जरूरत है जो पंजाब की मिट्टी से चले, न कि ऐसी जो दिल्ली (अरविंद केजरीवाल) के इशारों पर रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही हो।
पलटवार
AAP ने किया पलटवार
AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राहुल के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी पर भी ड्रग्स के इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन केवल आरोप लगाने से कुछ हासिल नहीं होता। राहुल के स्तर के नेता को इस तरह की घटिया और सस्ती टिप्पणियां शोभा नहीं देतीं।"
भारद्वाज ने सवाल उठाया कि राहुल ने भाजपा शासित उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों पर कभी ऐसे व्यक्तिगत हमले क्यों नहीं किए?
लक्ष्य
राहुल ने पंजाब को बनाया अपना लक्ष्य- भारद्वाज
भारद्वाज ने कहा, "राहुल को 5 राज्यों में हो रहे चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बस पंजाब को अपना लक्ष्य बनाया है। सुबह से रात तक फोकस सिर्फ पंजाब पर रहता है कि 'भगवंत मान ने ये किया, भगवंत मान ने वो किया। पंजाब में ये हुआ, पंजाब में वो हुआ। आज ED पंजाब जा रही है। भाई, ये दोनों पार्टियां बाकी राज्यों में क्यों नहीं लड़ रही हैं? वे पंजाब के पीछे क्यों पड़ी हैं?"
दूरियां
INDIA गठबंधन से अलग होने के बाद बढ़ी दूरियां
लोकसभा चुनाव 2024 में AAP और कांग्रेस ने कुछ राज्यों में मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन पंजाब में दोनों हमेशा से धुर विरोधी रहे।
मतभेदों के चलते AAP जुलाई 2025 में INDIA गठबंधन से बाहर हो गई। AAP सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए पहले कहा था कि कांग्रेस 2024 के चुनाव के बाद विपक्ष को एकजुट रखने में पूरी तरह विफल रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मान भी कांग्रेस पर लगातार हमले बोलते आए हैं।
असर
आगामी विधानसभा चुनाव में क्या होगा असर?
कांग्रेस पंजाब में AAP सरकार पर ड्रग्स के खात्मे के वादे से मुकरने और गैंगस्टर हिंसा को रोकने में नाकाम रहने के आरोप लगा रही है, लेकिन राहुल के इस 'शराब' वाले बयान ने दोनों दलों की लड़ाई को व्यक्तिगत कीचड़ उछालने में बदल दिया है।
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा के अलावा अब कांग्रेस और AAP के बीच की यह आपसी तल्खी आगामी विधानसभा चुनावों को और अधिक दिलचस्प बनाने जा रही है।