एक साथ रखने पर क्यों जल्दी पक जाते हैं फल? जानिए ऐसा होने के कारण
क्या है खबर?
क्या आपने कभी सोचा है कि एक फल दूसरे फल को कैसे पकाता है? ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि फल पकने के दौरान एक गैस छोड़ते हैं, जिसे एथिलीन कहा जाता है। यह गैस अन्य फलों को तेजी से पकने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, जब एक केला दूसरे केले के पास रखा होता है तो वह जल्दी पकता है, क्योंकि केला एथिलीन गैस छोड़ता है और यह अन्य फलों को भी जल्दी पकाने में मदद करता है।
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एथिलीन क्या है?
एथिलीन एक प्रकार की गैस है, जो प्राकृतिक रूप से फलों के द्वारा उत्पन्न होती है। जब फल पकने लगते हैं तो वे एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जो उनके आसपास के अन्य फलों को भी तेजी से पकने में मदद करती है। इस प्रक्रिया को 'एथिलीन संकेत' कहा जाता है। इससे पता चलता है कि कैसे एक फल दूसरे फल को प्रभावित कर सकता है और उन्हें जल्दी पका सकता है।
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पके हुए केले का प्रभाव
पके हुए केले में एथिलीन गैस की मात्रा अधिक होती है, जो उन्हें खास बना देती है। जब आप पके हुए केले को कच्चे फलों के साथ रखते हैं तो यह एथिलीन गैस छोड़ता है, जिससे आसपास के फल भी जल्दी पकने लगते हैं। इस कारण बाजार में अक्सर पके हुए केले को कच्चे फलों के साथ रखा जाता है, ताकि वे जल्दी पक सकें और ताजगी बनी रहे। यह तरीका वाकई कारगर होता है।
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सेब और एवोकाडो का असर
सेब और एवोकाडो भी एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जो अन्य फलों को तेजी से पकने में मदद करती है। जब आप इन फलों को कच्चे फलों के साथ रखते हैं तो यह एथिलीन गैस निकलती है, जिससे आसपास के फल भी जल्दी पक जाते हैं। एवोकाडो का गूदा भी एथिलीन गैस को सोखता है, जिससे वह जल्दी पकता है और उसका स्वाद भी बढ़ जाता है। इसलिए, बाजार में इन्हें एक साथ रखा जाता है।
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टमाटर और एवोकाडो का मेल
टमाटर और एवोकाडो का मेल भी एथिलीन गैस छोड़ता है, जो अन्य फलों को तेजी से पकने में मदद करती है। जब आप इन दोनों को कच्चे फलों के साथ रखते हैं तो यह एथिलीन गैस निकलती है, जिससे आसपास के फल भी जल्दी पक जाते हैं। इस कारण बाजार में इन्हें एक साथ रखा जाता है, ताकि वे जल्दी पक सकें और ताजगी बनी रहे। इस तरह आप अपने फलों को बेहतर तरीके से स्टोर कर सकते हैं।