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पहली बार कब बनाया गया था डोसा? जानिए इस दक्षिण भारतीय पकवान का इतिहास
डोसा का इतिहास

पहली बार कब बनाया गया था डोसा? जानिए इस दक्षिण भारतीय पकवान का इतिहास

लेखन सयाली
Apr 21, 2026
06:04 pm

क्या है खबर?

डोसा एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन है, जो अब पूरे भारत में पसंद किया जाता है। यह पतला और कुरकुरा होता है और इसे आमतौर पर सांभर और चटनी के साथ परोसा जाता है। क्या आप जानते हैं कि डोसा का इतिहास कितना पुराना है? यह व्यंजन सदियों से भारतीय खान-पान का हिस्सा रहा है। आइए आज हम आपको डोसे से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताते हैं, ताकि आपको भी अपने पसंदीदा पकवान का इतिहास पता चल सके।

#1

डोसा का प्राचीन इतिहास

डोसा का सबसे पहला उल्लेख 'अन्नाल वर्धमान' नामक संस्कृत ग्रंथ में मिलता है, जो 1054 ईस्वी में लिखा गया था। इस ग्रंथ में डोसा को 'द्विषण्नम्' कहा गया था, जिसका अर्थ है 'दोनों तरफ से पकाया हुआ'। माना जाता है कि यह व्यंजन दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य से जन्मा था और समय के साथ पूरे देश में लोकप्रिय हो गया। यह अब अलग-अलग प्रकार की चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है।

#2

डोसे के प्रकार

डोसे कई प्रकार के होते हैं, जैसे मसाला डोसा, रवा डोसा, सेट डोसा, पनीर डोसा, स्प्रिंग डोसा और कई अन्य। मसाला डोसे में आलू का मसाला भरा जाता है, जबकि रवा डोसे में सूजी का उपयोग किया जाता है। सेट डोसा मोटा होता है और इसे कई परतों में बनाया जाता है। पनीर डोसा में पनीर का भराव होता है और स्प्रिंग डोसा में सब्जियों की फिलिंग की जाती है।

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#3

डोसे के पोषण गुण

डोसा मुख्य रूप से चावल और उड़द की दाल से बनाया जाता है, जो इसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन से भरपूर बनाते हैं। यह व्यंजन शाकाहारी लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि इसमें मांसपेशियों को मजबूत करने वाले पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा डोसा ग्लूटेन-मुक्त होता है, जिससे यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी होती है। इसे खाने से वजन बढ़ने की भी चिंता नहीं रहती।

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#4

डोसे बनाने की प्रक्रिया

डोसा बनाने के लिए सबसे पहले चावल और उड़द की दाल को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है, फिर उन्हें पीसकर एक पतला घोल तैयार किया जाता है। इस घोल को कुछ घंटों तक खमीर उठने के लिए रखा जाता है, जिससे यह फूल जाता है। इसके बाद तवे पर थोड़ा तेल लगाकर पतली परत बनाई जाती है, जिसे सुनहरा होने तक पकाया जाता है। इसमें अलग से तैयार की हुई फिलिंग भरी जाती है।

#5

डोसे का सेवन कैसे करें?

डोसा को आमतौर पर सुबह के नाश्ते या दोपहर के भोजन के समय खाया जाता है। इसे सांभर और नारियल की चटनी के साथ परोसना पारंपरिक तरीका माना जाता है। इसके अलावा आप इसे अलग-अलग प्रकार की चटनियों, जैसे टमाटर की चटनी और प्याज की चटनी आदि के साथ भी खा सकते हैं। डोसे का आनंद लेते समय उसके इतिहास और पौष्टिक गुणों को याद रखें। आप इसे पोड़ी मसाले और घी के साथ भी खा सकते हैं।

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