क्या है लैक्टोज असहिष्णुता? जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके
क्या है खबर?
लैक्टोज असहिष्णुता एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति दूध और इससे बनने वाले उत्पादों का सेवन करने पर पेट संबंधी समस्याओं का सामना करता है। यह स्थिति लैक्टोज नामक शक्कर को पचाने वाले एंजाइम की कमी के कारण होती है। आइए आज हम आपको इस स्थिति से जुड़ी अहम बातें विस्तार से बताते हैं ताकि आप इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
कारण
लैक्टोज असहिष्णुता के कारण
लैक्टोज असहिष्णुता का मुख्य कारण शरीर में लैक्टोज को पचाने वाले एंजाइम की कमी है। इसके अतिरिक्त आंतों की सर्जरी या चोट के कारण लैक्टोज को पचाने में कठिनाई होना। साथ ही वायरल संक्रमण, जैसे रोटावायरस भी इसका कारण हो सकता है। वहीं जन्म के समय से ही लैक्टोज को पचाने वाले एंजाइम की कमी हो सकती है।
लक्षण
लैक्टोज असहिष्णुता के लक्षण
लैक्टोज असहिष्णुता के लक्षण आमतौर पर दूध या दूध युक्त उत्पादों का सेवन करने के बाद सामने आते हैं। इसके लक्षणों में गैस, पेट दर्द, जलन, पेट फूलना, दस्त, मतली, उल्टी और पेट में ऐंठन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों को दूध पीने के बाद पेट में भारीपन और असुविधा भी महसूस हो सकती है।
पता लगाना
लैक्टोज असहिष्णुता का कैसे पता लगाया जा सकता है?
लैक्टोज असहिष्णुता का पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। वह आपको कुछ परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं, जैसे कि हाइड्रोजन सांस परीक्षण, जिससे यह पता चलता है कि आपका शरीर लैक्टोज को सही तरीके से पचा रहा है या नहीं। इसके अलावा डॉक्टर आपकी चिकित्सा इतिहास और लक्षणों के आधार पर भी निदान कर सकते हैं।
इलाज
लैक्टोज असहिष्णुता का इलाज
लैक्टोज असहिष्णुता का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी डाइट में से दूध और दूध युक्त उत्पादों को सीमित या छोड़ना पड़ सकता है। इसके अलावा आप लैक्टोज-फ्री दूध और डेयरी उत्पादों का विकल्प भी चुन सकते हैं। साथ ही डॉक्टर की सलाह अनुसार पाचन एंजाइम सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं।
बचाव
लैक्टोज असहिष्णुता से बचाव के तरीके
लैक्टोज असहिष्णुता से बचने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे कि दूध और दूध युक्त उत्पादों का सेवन करने से पहले लेबल चेक करें और उन चीजों को चुनें, जिनमें कम या बिना लैक्टोज हो। इसके अलावा अपने आहार में फाइबर युक्त चीजें शामिल करें ताकि पाचन तंत्र स्वस्थ रहे। साथ ही डॉक्टर द्वारा निर्धारित परीक्षणों और उपचारों का पालन करें। कोई भी नया आहार शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।