सुबह की दिनचर्या को सुधारने में मदद कर सकते हैं ये 5 प्राणायाम, करें इनका अभ्यास
क्या है खबर?
सुबह का समय दिन की शुरुआत करने का सबसे अच्छा समय होता है। इस समय कुछ मिनट प्राणायाम करने से शरीर को भरपूर ऑक्सीजन मिलता है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा प्राणायाम से शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद मिल सकती है। आइए आज हम आपको 5 ऐसे प्राणायाम के बारे में बताते हैं, जो सुबह की दिनचर्या को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
#1
अनुलोम-विलोम
अनुलोम-विलोम के लिए पहले आराम से बैठें और आंखें बंद कर लें। अब दाएं हाथ की पहली 2 उंगलियों को माथे के बीचों-बीच रखें, फिर अंगूठे से नाक के दाएं हिस्से को बंद करके नाक के बाएं हिस्से से सांस लें। इसके बाद अनामिका उंगली से नाक के बाएं हिस्से को बंद करके दाएं हिस्से से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को दोनों तरफ से लगभग 5 मिनट तक दोहराएं। धीरे-धीरे समय बढ़ाकर इसे 15 मिनट तक करें।
#2
कपालभाति
कपालभाति प्राणायाम के लिए पहले जमीन पर आराम से बैठें और दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। इसके बाद आंखें बंद करें और अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। अब अपने पेट को तेजी से अंदर की ओर खींचें और सांस छोड़ें, फिर दोबारा से सांस लें। इस प्रक्रिया को लगभग 20 बार दोहराते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलें और इस प्राणायाम का अभ्यास बंद कर दें।
#3
भस्त्रिका
भस्त्रिका प्राणायाम के लिए पहले जमीन पर आराम से बैठकर दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। अब मुंह बंद करके नाक के दोनों छिद्रों से गहरी सांस लें, फिर एक गहरी सांस छोड़ें। हालांकि, ध्यान रखें कि सांस छोड़ते समय आवाज न करें। इस तरह से 5-10 बार गहरी सांस लें और छोड़ें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलें और इस प्राणायाम का अभ्यास बंद कर दें। इसे आप सत्रों में भी कर सकते हैं।
#4
भ्रामरी
सबसे पहले जमीन पर आराम से बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। अब अंगूठों से कानों को बंद करें और हाथों की तर्जनी उंगलियों को माथे पर रखें, मध्यमा उंगली को माथे पर रखें और अनामिका और कंठा उंगली को आंखों पर। इसके बाद मुंह बंद करें और नाक से सांस लेते हुए ओम का उच्चारण करें। इस दौरान सांस लेते हुए सिर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करें। कुछ मिनट बाद धीरे-धीरे आंखें खोलें और प्राणायाम छोड़ दें।
#5
उद्गीथ
सबसे पहले जमीन या कुर्सी पर सीधे बैठकर दोनों हाथ घुटनों पर रखें। अब आंखें बंद करके गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते समय ओम का जाप करें। ध्यान रखें की जब आप सांस छोड़ेंगे तो आपका ध्यान आपके उच्चारण पर नहीं, बल्कि आपकी सांसों पर होना चाहिए। शुरूआत में इस प्राणायाम का अभ्यास 5 मिनट तक करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। इससे मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।