दक्षिण भारत की ये कॉफी हैं बेहद खास, एक बार जरूर चखें इनका स्वाद
क्या है खबर?
कॉफी दुनियाभर में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय है, जिसे ज्यादातर लोग विदेशी तरीकों से बनाते हैं। हालांकि, दक्षिण भारत में भी कई तरह की कमाल की कॉफी बनाई जाती हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। यहां की कॉफी में सुगंध, स्वाद और मिठास का बेहतरीन मेल होता है। अगर आप कॉफी प्रेमी हैं तो इन दक्षिण भारतीय कॉफी का स्वाद लेना आपके लिए किसी जादू से कम नहीं होगा।
#1
फिल्टर कॉफी
फिल्टर कॉफी भारत की सबसे मशहूर कॉफी में से एक है, जो तमिलनाडु और कर्नाटक से आती है। यह कॉफी अपनी ताजगी, गाढ़ेपन और झागदार स्वाद के लिए जानी जाती है। इसे बनाने के लिए मेटल फिल्टर के ऊपरी हिस्से में 2-3 चम्मच कॉफी पाउडर डालते हैं और उसमें गर्म पानी डालते हैं। इसमें चीनी मिलाने के बाद थोड़े ऊपर से गर्म दूध डाला जाता है। ऐसा करने से झाग बनता है, जो इसके स्वाद को बढ़ाता है।
#2
कुक्कू कापी
कुक्कू कापी कूर्ग की पारंपरिक कॉफी है, जिसे कई लोग कापी भी कहते हैं। यह सूखी अदरक, काली मिर्च और गुड़ जैसे मसालों के साथ तैयार की गई सुगंधित काली कॉफी होती है। इसे कूर्ग की मशहूर अरेबिका और रोबस्टा प्रकार की कॉफी बीन्स से तैयार किया जाता है, जो अपने कड़क और सुगंधित स्वाद के लिए मशहूर हैं। इसे पीने के बाद आपको भरपूर ऊर्जा मिल जाएगी और थकान दूर होगी।
#3
मैसूर कॉफी
मैसूर कॉफी कर्नाटक के इस क्षेत्र में उगाई जाने वाली प्रीमियम अरेबिका और रोबस्टा कॉफी से बनती है। अपनी कम अम्लता, मीठे स्वाद और भरपूर गाढ़ेपन के लिए प्रसिद्ध इस कॉफी में विश्व स्तर पर प्रशंसित विशेष प्रकार की बीन्स इस्तेमाल होती हैं। इस कॉफी में थोड़ा-थोड़ा इलायची का भी स्वाद जोड़ा जाता है, जो इसे ज्यादा लजीज और जायकेदार बना देता है। इसका स्वाद ज्यादा कड़क नहीं होता है।
#4
डिग्री कॉफी
कुंभकोणम डिग्री कॉफी एक प्रसिद्ध और पारंपरिक दक्षिण भारतीय फिल्टर कॉफी है। यह तमिलनाडु की पारंपरिक कॉफी होती है, जो कुंभकोणम से आती है। यह कॉफी अपने समृद्ध स्वाद, झागदार बनावट और बनाने की अनूठी विधि के लिए प्रसिद्ध है। इसमें 'डिग्री' शब्द गाय के दूध की शुद्धता को दर्शाता है। परंपरागत रूप से इसका मतलब प्रथम श्रेणी का दूध होता है, जो शुद्ध और बिना मिलावट वाला होता है।