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फैशन में लौट आए हैं कई तरह के भारतीय प्रिंट, जानिए इन्हें स्टाइल करने के तरीके
भारतीय प्रिंट की फैशन में वापसी

फैशन में लौट आए हैं कई तरह के भारतीय प्रिंट, जानिए इन्हें स्टाइल करने के तरीके

लेखन सयाली
Aug 19, 2026
02:45 pm

क्या है खबर?

भारतीय प्रिंट, जैसे कि बंधेज, बागरू, और कांचीवरम, हमेशा से ही भारतीय फैशन का अहम हिस्सा रहे हैं। ये प्रिंट न केवल पारंपरिक होते हैं, बल्कि आज के समय में भी इनका महत्व कम नहीं हुआ है। आजकल के फैशन डिजाइनर इन प्रिंट को नए तरीकों से पेश कर रहे हैं, जिससे ये आधुनिकता और पारंपरिकता का बेहतरीन मेल बनाते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे ये प्रिंट आज के फैशन में शामिल किए जा रहे हैं।

#1

बंधेज प्रिंट: पारंपरिक और आधुनिकता का संगम

बंधेज प्रिंट गुजरात और राजस्थान का एक मशहूर कपड़ा है, जिसे हाथों से रंगा जाता है। आजकल इसे अलग-अलग तरह के कपड़ों में इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसे कि कुर्तियां, साड़ियां, और ड्रेस।

इस प्रिंट की खासियत यह है कि यह न केवल सुंदर दिखता है, बल्कि इसमें उपयोग होने वाले रंग भी प्राकृतिक होते हैं, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है।

इसके अलावा यह पर्यावरण के अनुकूल भी होता है।

#2

बागरू प्रिंट: जैविक रंगों का जादू

बागरू प्रिंट राजस्थान का एक अनोखा कपड़ा है, जिसे प्राकृतिक रंगों से बनाया जाता है। इसमें नीला रंग खासतौर पर मशहूर है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाता है।

आजकल बागरू प्रिंट का उपयोग कुर्तियों, बेडशीट और पर्दों में किया जा रहा है। यह न केवल देखने में अच्छा लगता है, बल्कि इसमें उपयोग होने वाले रंग भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं।

इसके अलावा यह पर्यावरण के अनुकूल भी होता है।

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#3

कांचीवरम सिल्क: शाही अंदाज में स्टाइलिश दिखें

कांचीवरम सिल्क दक्षिण भारत की एक मशहूर साड़ी होती है, जिसे रेशमी धागों से बनाया जाता है। आजकल कांचीवरम सिल्क की साड़ियों का उपयोग शादियों और त्योहारों में किया जा रहा है।

इन साड़ियों की खासियत यह होती है कि ये बेहद मजबूत होती हैं और लंबे समय तक चलती हैं। इसके अलावा इनकी चमक और डिजाइन भी बहुत सुंदर होती है, जो इन्हें शाही अंदाज देता है।

इनका प्रिंट देखते ही बनता है।

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#4

पटोला: रंग-बिरंगे डिजाइन 

पटोला गुजरात की एक मशहूर बुनाई तकनीक है, जिसमें रंग-बिरंगे डिजाइन बनाए जाते हैं। आजकल पटोला का उपयोग दुपट्टों और कुर्तियों में किया जा रहा है।

पटोला कपड़े की खासियत यह होती है कि इसमें उपयोग होने वाले रंग प्राकृतिक होते हैं, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। इसके अलावा यह पर्यावरण के अनुकूल भी होता है।

इन सभी कारणों से भारतीय प्रिंट आजकल के फैशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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