अकेले ट्रेकिंग करने से पहले अपनाएं ये 5 सावधानियां, सुरक्षित रहेगा आपका सफर
क्या है खबर?
ट्रेकिंग एक रोमांचक गतिविधि है, लेकिन इसे अकेले करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। अगर आप अकेले ट्रेकिंग करने जा रहे हैं तो आपको कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि आपका सफर सुरक्षित और सुखद हो। इस लेख में हम आपको कुछ अहम टिप्स देंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपनी ट्रेकिंग यात्रा को और भी मजेदार बना सकते हैं और किसी भी अनहोनी से बच सकते हैं।
#1
सही जानकारी इकट्ठा करें
ट्रेकिंग पर जाने से पहले उस जगह की पूरी जानकारी इकट्ठा कर लें। वहां का मौसम कैसा रहेगा, ट्रेक की कठिनाई स्तर क्या है और वहां का रास्ता कैसा है, इन सभी बातों का ध्यान रखें। इसके अलावा अगर संभव हो तो पिछले कुछ दिनों में वहां गए लोगों से भी जानकारी लें। इससे आपको सही अंदाजा होगा कि आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और आप उनके लिए कैसे तैयार हो सकते हैं।
#2
सही सामान चुनें
अकेले ट्रेकिंग करने के लिए सही सामान चुनना बहुत जरूरी है। अच्छे जूते, आरामदायक कपड़े और बारिश से बचाने वाले जैकेट का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अपने साथ एक बैग रखें जिसमें जरूरी चीजें जैसे पानी, खाना, प्राथमिक चिकित्सा किट और एक मोबाइल पावर बैंक हो। अगर आप पहाड़ी इलाके में जा रहे हैं तो वहां के अनुसार सामान चुनें ताकि आपको किसी भी तरह की परेशानी न हो।
#3
अपने परिवार या दोस्तों को बताएं
अपनी ट्रेकिंग योजना अपने परिवार या दोस्तों को जरूर बताएं। उन्हें बताएं कि आप कहां जा रहे हैं, कब लौटेंगे और आपके साथ कौन-कौन होगा। अगर आप अकेले जा रहे हैं तो अपने किसी करीबी दोस्त को अपनी लोकेशन शेयर करें ताकि वह आपकी मदद कर सके अगर आपको जरूरत पड़े। इसके अलावा अपने मोबाइल फोन में इमरजेंसी नंबर सेव कर लें ताकि जरूरत पड़ने पर आप तुरंत संपर्क कर सकें।
#4
GPS और नक्शे का करें उपयोग
अकेले ट्रेकिंग करते समय GPS और नक्शे का सही उपयोग करना बहुत जरूरी है। अपने मोबाइल फोन में GPS ऐप्स इंस्टॉल करें और उन्हें अच्छी तरह से समझें ताकि रास्ता भटकने पर सही दिशा मिल सके। अगर आपके पास पारंपरिक नक्शे हैं तो उन्हें भी साथ रखें और उन्हें पढ़ने की क्षमता विकसित करें। नक्शे की मदद से आप आसपास के पहचाने जाने वाले स्थलों को भी आसानी से ढूंढ सकते हैं।
#5
समय का प्रबंधन करें
अकेले ट्रेकिंग करते समय समय का प्रबंधन करना बेहद जरूरी है। अपने ट्रेकिंग समय को इस तरह से निर्धारित करें कि आप सूरज ढलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। अगर किसी कारणवश आपका समय ज्यादा लग रहा हो तो बीच रास्ते से ही लौट आएं ताकि आपको अंधेरे में न चलना पड़े। इसके अलावा हर 2-3 घंटे में थोड़ा आराम करें और पानी पीते रहें ताकि आपका शरीर तरोताजा रहे।