तैलीय डैंड्रफ बन सकता है रूखे डैंड्रफ का कारण, जानिए दोनों के अंतर
क्या है खबर?
डैंड्रफ एक आम समस्या है, जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। यह दो प्रकार (तैलीय डैंड्रफ और रूखे डैंड्रफ) का होता है। तैलीय डैंड्रफ तब होता है जब सिर की त्वचा पर ज्यादा तेल जमा हो जाता है, जबकि रूखे डैंड्रफ तब होता है जब सिर की त्वचा पर नमी की कमी होती है। इन दोनों प्रकार के डैंड्रफ के लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा उपयुक्त है।
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तैलीय डैंड्रफ के कारण और लक्षण
तैलीय डैंड्रफ का मुख्य कारण सिर की त्वचा पर ज्यादा तेल का जमा होना होता है।
यह अक्सर तब होता है जब आप अपने सिर को बहुत बार धोते हैं या ऐसे शैंपू का उपयोग करते हैं, जो बहुत कठोर होते हैं।
इसके लक्षणों में बालों की जड़ों का चिपचिपा होना, बालों का तैलीय दिखना और सिर की त्वचा पर खुजली शामिल हैं।
इसके अलावा तैलीय डैंड्रफ से बालों की जड़ों में चिपचिपाहट भी महसूस हो सकती है।
#2
रूखे डैंड्रफ के कारण और लक्षण
रूखे डैंड्रफ का मुख्य कारण सिर की त्वचा पर नमी की कमी होना होता है।
यह आमतौर पर सर्दियों या शुष्क मौसम में होता है, जब हवा में नमी कम होती है। इसके लक्षणों में सिर की त्वचा पर सफेद गुच्छे होना, खुजली और बालों का टूटना शामिल है।
इसके अलावा रूखे डैंड्रफ से बालों की जड़ों में सूखापन भी महसूस हो सकता है। यह समस्या सिर की त्वचा पर खुजली का कारण भी बन सकती है।
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तैलीय डैंड्रफ का इलाज कैसे करें?
अगर आपको तैलीय डैंड्रफ है तो आपको ऐसे शैंपू और कंडीशनर का उपयोग करना चाहिए, जो तेल को नियंत्रित करने वाले हों।
हफ्ते में दो बार सिर धोना बेहतर होता है ताकि अतिरिक्त तेल हट सके।
इसके अलावा सिर की त्वचा की सफाई के लिए मुल्तानी मिट्टी या नींबू का रस भी उपयोग किया जा सकता है।
तैलीय डैंड्रफ से राहत पाने के लिए हफ्ते में एक बार सिर की मालिश जरूर करें।
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रूखे डैंड्रफ का इलाज कैसे करें?
अगर आपको रूखे डैंड्रफ है तो आपको ऐसे शैंपू और कंडीशनर का उपयोग करना चाहिए, जो नमी प्रदान करें। हफ्ते में एक बार सिर धोना बेहतर होता है ताकि प्राकृतिक तेल बनाए रह सकें।
इसके अलावा नारियल तेल या बादाम तेल की मालिश भी फायदेमंद हो सकती है। रूखे डैंड्रफ से राहत पाने के लिए हफ्ते में दो बार सिर की मालिश जरूर करें।
इन उपायों को अपनाकर आप जल्दी ही डैंड्रफ से छुटकारा पा सकते हैं।