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काजल बनाम सुरमा: क्या है दोनों का अंतर और किसका इस्तेमाल आंखों के लिए है बेहतर?
काजल बनाम सुरमा

काजल बनाम सुरमा: क्या है दोनों का अंतर और किसका इस्तेमाल आंखों के लिए है बेहतर?

लेखन सयाली
Aug 23, 2026
11:12 am

क्या है खबर?

आंखों को खूबसूरत दिखाने के लिए पुरानी पीढ़ी से ही काजल और सुरमा का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, आजकल बाजार में कई तरह के सुरमा और काजल मौजूद हैं, जिनमें से अधिकतर में रसायन होते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए आज हम आपको काजल और सुरमा के बीच के अंतर और आंखों के लिए इनमें से किसका चयन करना ज्यादा बेहतर है, इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

बनाना

काजल और सुरमा बनाने का तरीका

काजल एक ऐसा उत्पाद है, जिसे बनाने के लिए काले रंग के रसायन का इस्तेमाल किया जाता है और यह पेंसिल, तरल और क्रीम रूप में उपलब्ध होता है।

दूसरी ओर, सुरमा एक पारंपरिक मिश्रण है, जिसे बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। यह पाउडर की तरह होता है और इसे लकड़ी के डिब्बे में रखा जाता है।

यह आंखों के लिए ज्यादा सुरक्षित होता है।

पोषक तत्व

काजल और सुरमा में पोषक तत्व होते हैं?

काजल में कुछ रसायन होते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञों की सलाह होती है कि काजल खरीदने से पहले उसका लेबल जांच लें कि उसमें हानिकारक रसायनों की मात्रा कम हो।

दूसरी ओर, सुरमा में प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है, जो आंखों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षा भी प्रदान कर सकता है। हालांकि, सस्ता सुरमा अच्छी गुणवत्ता वाला नहीं होता।

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फायदे

काजल और सुरमा के फायदे

काजल में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो आंखों को धूल और प्रदूषण से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा काजल आंखों को आकर्षक दिखाने में भी मदद कर सकता है।

दूसरी ओर, सुरमा आंखों की रोशनी को बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकतर सुरमा नकली होते हैं, जिनमें हानिकारक रसायन होते हैं।

ऐसे में खरीदने से पहले ध्यान देना चाहिए।

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इस्तेमाल

काजल और सुरमा का इस्तेमाल करने का तरीका

काजल को आंखों की निचली पलक पर लगाया जाता है, लेकिन सुरमा लगाने का तरीका थोड़ा अलग है। इसके लिए पहले आंखों के आंतरिक कोने पर थोड़ा-सा सुरमा लगाया जाता है, फिर इसे धीरे-धीरे आंखों के बाहरी कोने तक फैलाया जाता है।

इसके बाद दूसरी आंख पर इसी तरह से सुरमा लगाया जाता है। इस तरह से सुरमा लगाने से आंखों में जलन नहीं होती है और यह लंबे समय तक भी बना रहता है।

चयन

किसका चुनाव करना है बेहतर?

काजल और सुरमा, दोनों ही आंखों की सुंदरता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप अपनी आंखों को प्राकृतिक रूप से सुरक्षित और स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सुरमा चुनें।

अगर आप काजल को ही चुनना चाहते हैं तो उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर करें और ऐसा काजल खरीदें, जिसमें प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया हो।

इसके अलावा काजल खरीदने से पहले उसकी लेबल जांच लें कि उसमें हानिकारक रसायनों की मात्रा कम हो।

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