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हार्मोनल परिवर्तन कैसे प्रभावित करते हैं महिलाओं की आंखों की सेहत?
महिलाओं के हार्मोनल परिवर्तन से होने वाली आखों की परेशानियां

हार्मोनल परिवर्तन कैसे प्रभावित करते हैं महिलाओं की आंखों की सेहत?

लेखन सयाली
Apr 20, 2026
01:59 pm

क्या है खबर?

महिलाओं के हार्मोनल परिवर्तन उनके पूरे शरीर पर असर डाल सकते हैं, खासकर आंखों पर। पीरियड्स, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे समय में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। इन परिवर्तनों के कारण आंखों में सूजन, लालिमा, सूखापन और धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस लेख में हम इन हार्मोनल परिवर्तनों और उनके आंखों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

#1

पीरियड्स के दौरान आंखों में सूजन आना

पीरियड्स के समय होने वाले हार्मोनल परिवर्तन आंखों में सूजन का कारण बन सकते हैं। शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में बदलाव के कारण आंखों के चारों ओर सूजन हो सकती है। इससे आंखें थकी-थकी सी दिख सकती हैं और आंखों के नीचे काले घेरे भी पड़ सकते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए ठंडे पानी या बर्फ के टुकड़ों से सिकाई करें, जिससे सूजन कम हो सकती है।

#2

गर्भावस्था के दौरान धुंधला दिखाई देना

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का शरीर कई बदलावों से गुजरता है, जिसमें आंखों का स्वास्थ्य भी शामिल है। इस दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आंखों की नसें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसके कारण आंखों में धुंधलापन आ सकता है या फिर देखने में परेशानी हो सकती है। यह धुंधलापन आमतौर पर अस्थायी होता है और बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाता है।

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#3

मेनोपॉज के समय आंखों में सूखापन आना

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिरता है, जिससे आंखों में सूखापन आ सकता है। इस दौरान आखों में बहुत खुजली होती है, वे लाल हो जाती हैं और उनमें जलन भी हो सकती है। इस समस्या से राहत पाने के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाए गए आई ड्रॉप्स का उपयोग करें और पर्याप्त पानी पिएं। साथ ही संतुलित आहार लें, ताकि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें।

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#4

गर्भनिरोधक गोलियों का प्रभाव

कुछ गर्भनिरोधक गोलियां भी हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकती हैं, जिससे आंखों पर असर पड़ सकता है। इन गोलियों से कभी-कभी एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आंखों में सूजन या धुंधलापन आ सकता है। अगर आपको ऐसा कुछ अनुभव होता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि वे उचित सलाह दे सकें और आपकी समस्या का समाधान हो सके। इस तरह की गोलियां भी डॉक्टर से पूछे बिना न खाएं।

#5

तनाव का आंखों पर असर

तनाव भी हार्मोनल असंतुलन का एक बड़ा कारण हो सकता है, जो आंखों को प्रभावित कर सकता है। जब हम तनाव में होते हैं तो हमारे शरीर में एक खास हार्मोन बढ़ता है, जो न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न करता है। इससे आंखों में सूखापन, लालिमा या धुंधलापन भी आ सकता है। हार्मोनल परिवर्तन न केवल मानसिक, बल्कि शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न करते हैं। निपटने के लिए तनाव घटाने वाली गतिविधियां करें।

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