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दुनिया भर में इन तरीकों से मनाया जाता है पहली बारिश का जश्न, होता है बेहतरीन
विभिन्न देशों में मानसून का जश्न मनाने के तरीके

दुनिया भर में इन तरीकों से मनाया जाता है पहली बारिश का जश्न, होता है बेहतरीन

लेखन सयाली
Jun 22, 2026
12:15 pm

क्या है खबर?

बरसात का आगमन गर्मियों के अंत और मानसून की शुरुआत का संकेत है। भारत में यह जून से सितंबर तक रहता है। पहली बारिश का दुनिया भर के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। हालांकि, दुनिया भर में बरसात के मौसम के दौरान पहली बारिश से जुड़ी अलग-अलग परंपराएं और रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। आइए आज हम आपको बताते हैं कि इन देशों में पहली बारिश का जश्न कैसे मनाया जाता है।

#1

भारत

भारत में बरसात की शुरुआत के साथ ही लोग 'आषाढ़' नामक महीने का स्वागत करते हैं। इस दौरान उत्तर भारत में तीज का त्योहार मनाया जाता है, जिसमें महिलाएं नाचते-गाते हुए मानसून का स्वागत करती हैं। इसी मौसम में ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है। हर घर में चाय के साथ गर्मा-गर्म पकौड़ों का आनंद लिया जाता है और बच्चे बारिश में भीगते हुए आनंद लेते हैं।

#2

जापान

जापान की संस्कृति में पहली बारिश के मौसम को बहुत शुभ माना जाता है और इसे 'रैइतेन' के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग सुंदर सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति के प्रति गहरे सम्मान के साथ इस मौसम का स्वागत करते हैं। बच्चे टिश्यू पेपर से ये गुड़िया बनाते हैं और उन्हें अपने घरों के छज्जों या खिड़कियों के नीचे लटकाते हैं। हर शहर इस दौरान गुलाबी और बैंगनी रंग के सुंदर फूलों से ढक जाता है।

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#3

फिलीपींस

फिलीपींस में पहली बारिश के मौसम को 'लूनास' या 'लूनास मूसन' के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग मानते हैं कि पहली बारिश के मौसम के दौरान पानी का इस्तेमाल करके व्यक्ति अपने जीवन में आने वाली समस्याओं से छुटकारा पा सकता है। इसके अलावा लोग अपने घरों के प्रवेश द्वार पर नमक छिड़कते हैं और घर के आंगन में पानी का छिड़काव करते हैं। इस दौरान वे अपने पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लेते हैं।

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#4

चीन

चीन मानसून के दौरान खेती-बाड़ी से जुड़ी '24 सोलर टर्म्स' परंपरा (मौसम में बदलाव बताने वाले पुराने कृषि-संकेत) का पालन करता है। मौसम के अनुसार होने वाली बारिश की शुरुआत खास नामों से पहचानी जाती है, जिनसे खान-पान, संस्कृति और आध्यात्मिकता की समृद्ध परंपराएं जुड़ी होती हैं। फरवरी के मध्य में युशुई होता है, जो तापमान और बढ़ती बारिश का संकेत है। इसके बाद अप्रैल में गुयु होता है, जिसकी बारिश फसलों के लिए अहम है।

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