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अलग-अलग देशों में वर्क-लाइफ बैलेंस को कैसे देखा जाता है? जानिए कुछ नजरिए
अलग-अलग देशों में वर्क-लाइफ बैलेंस

अलग-अलग देशों में वर्क-लाइफ बैलेंस को कैसे देखा जाता है? जानिए कुछ नजरिए

लेखन सयाली
Jun 16, 2026
05:26 pm

क्या है खबर?

काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना वर्क-लाइफ बैलेंस कहलाता है। कई देशों में कामकाजी लोगों के लिए यह संतुलन बनाना आसान है, जबकि कई देशों में यह कठिन होता है। इसके पीछे की वजहें अलग-अलग हो सकती हैं। आइए आज हम आपको अलग-अलग देशों में वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में बताते हैं, ताकि आपको भी कुछ सुझाव मिल सकें और आप इन्हें अपना भी सकें।

#1

जापान

जापान में कामकाजी लोगों के लिए संतुलन बनाना आसान नहीं है। इसके पीछे की वजह यह है कि जापान में लोग बहुत ज्यादा काम करते हैं। इस कारण जापान में लोगों को काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जापान में कामकाजी लोगों के लिए 'करोशी' नामक एक शब्द है, जिसका मतलब है काम से मौत।

#2

फ्रांस

फ्रांस में संतुलन को लेकर सरकार काफी सख्त है। फ्रांस की सरकार ने 2016 में एक नियम लागू किया था, जिसमें कहा गया था कि कर्मचारी काम के समय के बाद अपने काम के ईमेल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं। इस नियम के बाद कर्मचारियों को अपने काम और निजी जीवन के बीच एक अच्छा संतुलन बनाने में मदद मिली है। इसके अलावा यहां ओवरटाइम करने पर कर्मचारियों को ज्यादा वेतन दिया जाता है।।

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#3

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में वर्क-लाइफ संतुलन को लेकर सरकार काफी उदार है। ऑस्ट्रेलिया में कामकाजी लोगों को 4 से 12 महीने की पेड पैरेंटल लीव के साथ-साथ 10 दिनों की पेड पैरेंटल लीव मिलती है। इसके अलावा कर्मचारियों को 5 हफ्ते की वार्षिक छुट्टी भी मिलती है। कर्मचारियों को अपने कार्य समय के बाद काम से जुड़े किसी भी संदेश को देखने, उसे पढ़ने या उसका जवाब देने से इनकार करने का कानूनी अधिकार है।

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#4

नीदरलैंड्स

नीदरलैंड्स में भी वर्क-लाइफ संतुलन को लेकर सरकार काफी उदार है। नीदरलैंड्स में कामकाजी लोगों को हफ्ते में 29 घंटे काम करने की जरूरत होती है। इस तरह वे अपने काम के साथ-साथ अपने निजी जीवन का भी आनंद ले पाते हैं। इसके अलावा नीदरलैंड्स में कर्मचारियों के लिए 20 दिन की वार्षिक छुट्टी भी होती है। इस नियमों के चलते वहां के लोग मन लगाकर काम भी करते हैं और अपना निजी जीवन भी खुलकर जीते हैं।

#5

डेनमार्क

डेनमार्क में भी वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर सरकार काफी उदार है और कर्मचारी काफी खुश रहते हैं। डेनमार्क में कामकाजी लोगों को 5 से 6 सप्ताह की वार्षिक छुट्टी के साथ-साथ 3 महीने की पेड पैरेंटल लीव मिलती है। इसके अलावा डेनमार्क में कर्मचारियों के लिए एक साल की पेड पैरेंटल लीव भी होती है। इसके अलावा डेनमार्क में कामकाजी लोगों के लिए 10 दिन की वार्षिक छुट्टी भी होती है।

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