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बाघ की इस प्रजाति के बारे में जानिए ये अहम बातें, है बहुत खूबसूरत और दुर्लभ
बंगाल टाइगर से जुड़े मुख्य तथ्य

बाघ की इस प्रजाति के बारे में जानिए ये अहम बातें, है बहुत खूबसूरत और दुर्लभ

लेखन अंजली
Jan 14, 2026
08:35 pm

क्या है खबर?

रॉयल बंगाल टाइगर भारत की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति ज्यादातर भारत के जंगलों में पाई जाती है। बंगाल टाइगर अपने अनोखे धारीदार फर और शक्तिशाली कद-काठी के लिए जाना जाता है। आइए आज हम आपको इस प्रजाति से जुड़ी कुछ अहम और रोचक बातें बताते हैं, जो शायद ही आपने सुनी हो।

#1

बंगाल टाइगर का आकार और वजन

बंगाल टाइगर एक बहुत ही शक्तिशाली और सुंदर जानवर है। नर बाघ का वजन लगभग 220 से 250 किलोग्राम तक होता है, जबकि मादा बाघनी का वजन लगभग 120 से 180 किलोग्राम तक होता है। इनका शरीर लंबा और मजबूत होता है, जिससे ये अपने शिकार को आसानी से पकड़ सकते हैं। इनकी लंबाई लगभग 2.5 से 3 मीटर तक होती है, जिसमें पूंछ भी शामिल होती है। इनकी पूंछ लगभग 1 मीटर लंबी होती है।

#2

बंगाल टाइगर का खाना

बंगाल टाइगर मांस खाते हैं और इनका मुख्य खाना हिरण, जंगली सूअर, हिरण आदि होते हैं। ये शिकार को पकड़ने के लिए चुपके से चलने की तकनीक अपनाते हैं, जैसे धीरे-धीरे पीछे से आना और अचानक झपट्टा मारना। इनकी तेज नजर और सुनने की क्षमता इन्हें अपने शिकार को पकड़ने में मदद करती है। इसके अलावा ये अपने शिकार को मारने के बाद उसे पेड़ों पर लटका देते हैं ताकि अन्य जानवर उसे न खा सकें।

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#3

बंगाल टाइगर की बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया

बंगाल टाइगर की बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प होती है। मादा बाघनी हर 3 साल में एक बार गर्भवती होती है, जिसमें वह 2 से 4 शावकों को जन्म देती है। शावकों का जन्म लगभग 100 दिन बाद होता है। जन्म के समय शावकों का वजन लगभग 1 किलो होता है और वे पूरी तरह से अंधे होते हैं। 3-4 हफ्ते बाद ही वे अपने माता-पिता के साथ बाहर आते हैं।

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#4

बंगाल टाइगर की उम्र

बंगाल टाइगर की औसत उम्र लगभग 10-15 साल होती है, हालांकि कुछ बाघ 20 साल तक भी जीवित रहते हैं। जंगल में इनकी उम्र कम होती है क्योंकि उन्हें मानव हस्तक्षेप, शिकारियों द्वारा हत्या, वनों की कटाई आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए कई देशों ने इन्हें संरक्षित पशु घोषित किया है ताकि इनकी रक्षा की जा सके और इनका संरक्षण हो सके। भारत में भी इन्हें राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया है।

#5

बंगाल टाइगर की सुरक्षा की स्थिति

बंगाल टाइगर आजकल खतरे में पड़ी प्रजातियों की सूची में शामिल है, जिसका मतलब है कि इनकी संख्या तेजी से घट रही है। दुनिया भर में इनकी संख्या लगभग 2,000 ही बची हुई है, जिनमें से अधिकतर भारत में पाई जाती हैं। भारत सरकार इनकी सुरक्षा हेतु कई योजनाएं चला रही है जैसे 'प्रोजेक्ट टाइगर', जिससे इनकी संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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