दुनिया का सबसे तेज पक्षी है बाज, जानिए इसे खास बनाने वाले कुछ तथ्य
क्या है खबर?
बाज दुनिया का सबसे तेज पक्षी होता है, जिसका रूप भी उसे खास बना देता है। यह पक्षी शिकारी पक्षियों के परिवार की एक खास प्रजाति है। यह दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है और इसे शिकार के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। बाज की तेज रफ्तार और तेज नजर के जरिए यह उड़ते हुए जमीन पर घूमते जीव पकड़ लेता है। आइए इस पक्षी से जुड़ी कुछ रोचक तथ्यों पर नजर डालते हैं।
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बाज की बनावट और खासियत
बाज की बनावट काफी आकर्षक होती है, जो डरावना भी दिखता है। इसके पंख लंबे होते हैं और इसकी पूंछ भी लंबी होती है। इसका रंग भूरा, काला या सफेद होता है। बाज की आंखें बड़ी होती हैं और इसकी नजर बहुत तेज होती है। इसके पंजे भी काफी मजबूत होते हैं, जिससे यह अपने शिकार को पकड़ सकता है। इसके अलावा बाज की चोंच भी तेज होती है, जिससे यह अपने शिकार को आसानी से उठा लेता है।
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शातिर शिकारी होता है बाज
बाज मुख्य रूप से मांसाहारी होता है और ये खाने में चूहे, खरगोश और पक्षी आदि खाना पसंद करते हैं। ये शिकार करते समय बहुत तेज गति से उड़ते हैं और जानवर को एक झटके में पकड़ लेते हैं। बाज अपने शिकार को हवा में उड़ते हुए ही मारता है और उसे जमीन पर गिरा देता है। इसके अलावा बाज कई बार अपने शिकार की आखें तक फोड़ देता है और उन्हें भी खा जाता है।
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बाज की प्रजनन प्रक्रिया
बाज की प्रजनन प्रक्रिया बहुत ही दिलचस्प होती है। मादा बाज अपने अंडों को घोंसले में रखती है, जहां वह उन्हें गर्म बनाए रख पाती हैं। इससे वे समय से पहले फूटते नहीं हैं। बाज एक बार में 3 से 5 अंडे देती हैं, जिनमें 28 दिनों के बाद छोटे-छोटे चूजे निकलते हैं। ये चूजे अपने माता-पिता द्वारा पाले जाते हैं और कुछ हफ्तों के अंदर ही उड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं।
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बाज का प्रशिक्षण
बाज को शिकार के लिए प्रशिक्षित करना बहुत ही मुश्किल काम होता है। इसके लिए विशेष तरीकों का उपयोग किया जाता है, जिनमें खाना देना, उड़ाना और शिकार करना शामिल होता है। प्रशिक्षक बाज को धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के शिकार करना सिखाते हैं, ताकि वह कुशल शिकारी बन सके। इसके अलावा बाज के प्रशिक्षण में समय और धैर्य की जरूरत होती है, ताकि वह अपनी क्षमताओं को पूरी तरह से विकसित कर सके।
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बाज का संरक्षण
बाज का संरक्षण बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके प्राकृतिक घरों में कमी आ रही है। कई देशों में बाज का शिकार करना मना है, ताकि इसकी प्रजाति सुरक्षित रह सके। संरक्षण संगठनों द्वारा बाज के घरों को बचाने के लिए प्रयास किए जाते हैं, ताकि यह पक्षी अपनी प्राकृतिक स्थिति में रह सके। बाज का संरक्षण न केवल इसके लिए बल्कि, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए भी अहम है।