मानसून के दौरान इन तटीय भारतीय व्यंजनों का लें स्वाद, आसान है रेसिपी
क्या है खबर?
मानसून का मौसम ताजगी और ठंडक लेकर आता है। इस मौसम में तटीय क्षेत्रों में कई ऐसे व्यंजन बनाए जाते हैं, जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। तटीय व्यंजनों में समुद्री भोजन के साथ-साथ नारियल, काजू और सूखे मेवों का भी इस्तेमाल किया जाता है। आइए आज हम आपको मानसून के दौरान बनाए जाने वाले तटीय व्यंजनों की रेसिपी बताते हैं, जो आपके खाने का मजा दोगुना कर देंगे।
#1
मैंगलोर मसाला डोसा
मैंगलोर मसाला डोसा एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले चावल, उड़द दाल और मेथी दाना को रातभर पानी में भिगोएं, फिर इसे पीसकर पतला घोल बना लें। अब इस घोल को गर्म तवे पर फैलाकर पकाएं और इसे आलू के मसाले से भरें, जो उबले आलू, प्याज, हरी मिर्च और मसालों से बनाया जाता है। अंत में इस डोसे को नारियल की चटनी के साथ परोसें।
#2
बटाटा वड़ा
बटाटा वड़ा गुजरात का एक प्रसिद्ध नाश्ता है। इसे बनाने के लिए उबले आलू को मैश करके उसमें हरी मिर्च, अदरक और राई मिलाएं। अब बेसन, नमक, लाल मिर्च पाउडर और पानी से घोल बनाएं। इसके बाद मैश आलू को बेसन के घोल में डुबोकर गर्म तेल में तलें। इन गर्मा-गर्म वड़ों को हरी चटनी या लहसुन की चटनी के साथ खाएं। यह नाश्ता बारिश में खाने के लिए आदर्श है।
#3
वड़ा पाव
वड़ा पाव मुंबई का एक मशहूर स्ट्रीट फूड है, जिसे मानसून के दौरान भी लोग बड़े ही चाव से खाते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को मसालों के साथ मैश कर लिया जाता है और उनके गोले बनाकर तला जाता है। इसके बाद पाव को बीच से काटकर उसमें सूखी लाल चटनी, हरी चटनी और चूरा रखा जाता है। इसके बाद इस पर वड़ा रख कर तली हुई हरी मिर्च के साथ परोसा जाता है।
#4
पोंगल
पोंगल तमिलनाडु का एक पारंपरिक व्यंजन है, जिसमें चावल और दाल का मिश्रण होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले चावल और दाल को भूनकर पानी में पकाया जाता है, फिर इसमें घी, करी पत्ते, मूंगफली और नमक मिलाया जाता है। यह व्यंजन मानसून के दौरान सेहत के लिए अच्छा होता है, क्योंकि यह आसानी से पच जाता है और शरीर को ऊर्जा देता है। इसे नारियल की चटनी या सांभर के साथ खाया जा सकता है।