मौसम के अनुसार चुनना चाहिए साड़ी बांधने का स्टाइल, रहेंगी आरामदायक
क्या है खबर?
भारतीय महिलाओं के लिए साड़ी सिर्फ एक पारंपरिक परिधान नहीं है। यह एक ऐसा परिधान है, जो हर मौसम में उन्हें स्टाइलिश और आकर्षक दिखाता है। साड़ी की ड्रेपिंग शैली यानि इसे बांधने का स्टाइल मौसम के अनुसार बदलता है। आइए आज हम आपको साड़ी ड्रेपिंग के ऐसे 5 बेहतरीन स्टाइल बताते हैं, जो हर मौसम में आपके लुक को खास बना सकते हैं। इन्हें चुनने से आपको सभी मौसम में आराम महसूस होगा।
#1
गर्मियों के लिए सही है बंगाली स्टाइल
गर्मियों में हल्के और आरामदायक कपड़े सबसे अच्छे होते हैं। बंगाली स्टाइल में साड़ी बांधने से आपको न केवल आरामदायक महसूस होगा, बल्कि आपको एक शाही लुक भी मिल जाएगा। इस स्टाइल में साड़ी के पल्लू को कंधे पर ला कर खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे हवा का संचार बना रहता है और आपको ठंडक महसूस होती रहती है। बंगाली साड़ियां सूती जैसे आरामदायक कपड़ों से बनती हैं, जो इस मौसम के लिए सही हैं।
#2
मानसून में अपनाएं महाराष्ट्रीयन स्टाइल
मानसून में बारिश की वजह से फिसलन भरे रास्तों पर चलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में महाराष्ट्रीयन स्टाइल में साड़ी पहनना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें साड़ी को कमर के चारों ओर लपेटा जाता है और फिर उसे धोती की तरह बांध लिया जाता है। इसके बाद पल्लू को सामने की ओर ला कर पिन कर लिया जाता है। इस स्टाइल में धोती जैसा बॉटम वियर बन जाता है, जिसकी वजह से साड़ी गीली नहीं होती।
#3
सर्दियों के लिए चुनें गुजराती स्टाइल
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनना ही सही होता है। ऐसे में गुजराती स्टाइल की साड़ी ड्रेपिंग सबसे अच्छा विकल्प हो सकती है। इस स्टाइल में पल्लू को पीछे की ओर से सामने लाया जाता है और कमर के पास पिन किया जाता है। इससे सामने से पूरा हिस्सा ढका रहता है और आपको गर्माहट मिल सकती है। साथ ही यह स्टाइल बेहद शाही अंदाज दे सकता है, जो आपको जरूर पसंद आएगा।
#4
शादी-ब्याह में अपनाएं राजस्थानी स्टाइल
राजस्थानी महिलाएं अपनी खूबसूरत पोशाक के साथ-साथ अपनी साड़ी बांधने के स्टाइल के लिए भी जानी जाती हैं। यहां की महिलाएं पतले कपड़ों वाली साड़ियां पहनना पसंद करती हैं, जो बेहद हल्की हों। इस स्टाइल में पल्लू को आगे से ही कंधे पर लाया जाता है और गले के पास ही पिन कर लिया जाता है। इसके बाद पल्लू का घूंघट करके सिर को ढका जाता है या उसे स्कार्फ की तरह ओढ़कर आगे लाया जाता है।