क्या उंगलियां चिटकाने से हो सकता है आर्थराइटिस? जानें इस बात की सच्चाई
क्या है खबर?
उंगलियों को चिटकाना एक आम आदत है, जिसे कई लोग अनजाने में करते हैं। इस दौरान अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि इससे आर्थराइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। हालांकि, वैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो उंगलियों को चिटकाने का आर्थराइटिस से कोई सीधा संबंध नहीं है। आइए इस मिथक की सच्चाई जानते हैं और समझते हैं कि क्या वाकई इस आदत से आर्थराइटिस होता है या ऐसा नहीं है।
कारण
उंगलियां चिटकाने का कारण
उंगलियों को चिटकाने का मुख्य कारण होता है कि हमारे जोड़ों में गैस बनती है। जब हम इन जोड़ों को खींचते हैं तो यह गैस बाहर निकलती है और एक कर्कश आवाज आती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वाभाविक होती है और इससे किसी भी प्रकार की चोट या बीमारी का खतरा नहीं होता। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि उंगलियों को चिटकाने से आर्थराइटिस होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
शोध
वैज्ञानिक शोध का परिणाम
विभिन्न वैज्ञानिक शोधों ने इस भ्रम को गलत साबित किया है। कई अध्ययनों में पाया गया कि जिन लोगों की आदत होती है कि वे नियमित रूप से अपनी उंगलियां चिटकाते हैं, उनमें आर्थराइटिस का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक नहीं होता। इसके अलावा इन शोधों ने यह भी दिखाया कि उंगलियां चिटकाने से जोड़ों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता और इससे कोई गंभीर समस्या नहीं होती।
राय
डॉक्टरों की राय
डॉक्टर भी इस बात को साफ तौर पर कहते हैं कि उंगलियां चिटकाने से आर्थराइटिस नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक भ्रम है, जिसे लोगों ने फैलाया हुआ है। डॉक्टर बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को जोड़ों में दर्द या सूजन का अनुभव होता है तो उसे तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए। नियमित रूप से उंगलियां चिटकाने से आर्थराइटिस होने का कोई सबूत अब तक नहीं मिला है।
सही
स्वास्थ्य के लिए क्या है सही?
उंगलियां चिटकाना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हमारी आदतों का हिस्सा हो सकती है। इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर आपको इस आदत को बदलने में समस्या हो रही हो तो धीरे-धीरे प्रयास करें और ध्यान दें कि यह आदत आपकी जीवनशैली पर कोई बुरा असर न डाले। इस प्रकार हम देख सकते हैं कि उंगलियां चिटकाना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिससे आर्थराइटिस होने का कोई संबंध नहीं।