
आंध्र प्रदेश के ये गांव हैं आदिवासी कला के केंद्र, जरूर करें इनका रुख
क्या है खबर?
आंध्र प्रदेश में स्थित कई गांव अपनी अनोखी आदिवासी कला के लिए मशहूर हैं। इन गांवों में जाकर आप न केवल इन कलाओं को देख सकते हैं, बल्कि उन्हें अपने हाथों से आजमा भी सकते हैं।
यहां की आदिवासी कला में चित्रकारी, हस्तशिल्प और संगीत शामिल हैं। इन कलाओं का इतिहास और संस्कृति से गहरा संबंध है।
आइए आज हम आपको आंध्र प्रदेश में मौजूद आदिवासी कला के केंद्र माने जाने वाले गांवों के बारे में बताते हैं।
#1
थोंगुलुरु गांव
थोंगुलुरु गांव आदिवासी कला का एक अहम केंद्र है। यहां पर आपको पारंपरिक चित्रकारी, लकड़ी की नक्काशी और मिट्टी के बर्तन मिलेंगे।
आदिवासी लोग यहां अपनी कला को पीढ़ी दर पीढ़ी सिखाते आ रहे हैं। आप यहां आकर इन कलाओं को न केवल देख सकते हैं, बल्कि उन्हें अपने हाथों से आजमा भी सकते हैं।
इसके अलावा आप यहां के स्थानीय लोगों से बातचीत करके उनकी संस्कृति और परंपराओं के बारे में भी जान सकते हैं।
#2
पोदाचेरु गांव
पोदाचेरु गांव अपने रंग-बिरंगे कपड़ों और वस्त्रों के लिए जाना जाता है।
यहां के आदिवासी लोग हाथ से कपड़े बुनते हैं और उन पर पारंपरिक डिजाइन बनाते हैं। इन कपड़ों में उपयोग होने वाले रंग प्राकृतिक होते हैं।
आप यहां आकर इन कपड़ों को खरीद सकते हैं और उनके बनने की प्रक्रिया को करीब से देख सकते हैं।
इसके अलावा आप यहां के स्थानीय लोगों से बातचीत करके उनकी संस्कृति के बारे में जान सकते हैं।
#3
दुरगम चेरुवु गांव
दुरगम चेरुवु गांव अपनी हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है।
यहां के आदिवासी लोग पत्थरों पर नक्काशी करते हैं, जो बहुत सुंदर दिखते हैं। इन नक्काशियों में भगवानों की मूर्तियां, जानवरों की आकृतियां और अन्य कई डिजाइन शामिल होते हैं।
इन मूर्तियों को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। आप यहां आकर इन नक्काशियों को न केवल देख सकते हैं, बल्कि उन्हें अपने हाथों से आजमा भी सकते हैं।
#4
बोरमपाडु गांव
बोरमपाडु गांव में संगीत और नाच-गाना कला का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
यहां के आदिवासी लोग पारंपरिक संगीत के सामान बजाते हैं और नाचते हैं, जो बहुत ही मनमोहक होता है।
इन प्रस्तुतियों में लोकगीत भी शामिल होते हैं, जो आपकी आत्मा को छू लेते हैं।
आप यहां आकर इन प्रस्तुतियों का आनंद ले सकते हैं और स्थानीय लोगों से उनकी संगीत कला के बारे में जान सकते हैं।
#5
जोगुलंबा गांधरी मंदिर
जोगुलंबा गांधरी मंदिर आदिवासी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। इस मंदिर में हर साल मेला लगता है, जिसमें हजारों लोग भाग लेते हैं।
इस मेले में पारंपरिक नाच-गाना प्रस्तुतियां होती हैं, जो आपकी आत्मा को छू जाती हैं।
आप यहां आकर इस अनोखी परंपरा का हिस्सा बन सकते हैं और स्थानीय लोगों से उनकी धार्मिक परंपराओं के बारे में जान सकते हैं।