LOADING...
क्या है लिप्पन कला? जानिए इसका इतिहास, तकनीक और अन्य अहम बातें
लिप्पन कला के बारे में खास बातें

क्या है लिप्पन कला? जानिए इसका इतिहास, तकनीक और अन्य अहम बातें

लेखन सयाली
Feb 11, 2026
09:40 pm

क्या है खबर?

लिप्पन कला गुजरात की एक पारंपरिक कला है, जो कच्छ जिले के ग्रामीण इलाकों में विकसित हुई है। यह कला दीवारों, फर्शों और अन्य सतहों पर रंग-बिरंगे पैटर्न बनाने के लिए उपयोग की जाती है। लिप्पन कला का इतिहास बहुत पुराना है और यह आज भी अपने पारंपरिक रूप में जीवित है। इस लेख में हम आपको इस कला के इतिहास, इसकी तकनीक, इसके उपयोग और इससे जुड़ी अन्य रोचक जानकारियां बताएंगे।

इतिहास

लिप्पन कला का इतिहास

लिप्पन कला का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। यह कच्छ जिले के रबारी समुदाय द्वारा विकसित की गई थी, जो मुख्य रूप से पशुपालक होते थे। लिप्पन कला का उपयोग पहले घरों की दीवारों और फर्शों को सजाने के लिए किया जाता था। समय के साथ इस कला में नई तकनीकों का समावेश हुआ और यह आजकल अलग-अलग आकारों और डिजाइनों में बनाई जाती है। आजकल लिप्पन कला का उपयोग कपड़ों, गहनों और अन्य सामानों में भी किया जाता है।

तकनीक

लिप्पन कला की तकनीक

लिप्पन कला बनाने के लिए सबसे पहले मिट्टी को दीवारों या फर्श पर लेपा जाता है, फिर उसे सुखाया जाता है। इसके बाद रंग-बिरंगे पत्थर, शीशे या कांच के टुकड़ों का उपयोग करके विभिन्न पैटर्न बनाए जाते हैं। इस प्रक्रिया में धैर्य और कौशल की जरूरत होती है, क्योंकि छोटे-छोटे विवरण भी महत्वपूर्ण होते हैं। लिप्पन कला का मुख्य आकर्षण इसके चटकीले रंग और जटिल पैटर्न हैं, जो इसे बेहद सुंदर बनाते हैं।

Advertisement

महत्व

लिप्पन कला का महत्व

लिप्पन कला न केवल एक कला रूप है, बल्कि यह कच्छ जिले की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा भी है। यह कला स्थानीय लोगों की आजीविका का स्रोत है और इसे सिखाने वाले कई स्कूल भी चलाए जाते हैं। इसके अलावा यह कला पर्यटकों के बीच भी बहुत लोकप्रिय है, जो इसे देखने और खरीदने आते हैं। लिप्पन कला ने वैश्विक स्तर पर भी पहचान बनाई है और इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाता है।

Advertisement

तथ्य

लिप्पन कला से जुड़े रोचक तथ्य

लिप्पन कला बनाने वाले कारीगर अक्सर अपने काम में बहुत ही बारीकी से ध्यान देते हैं। उनकी कारीगरी इतनी खूबसूरत होती है कि देखने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इसके अलावा लिप्पन कला में उपयोग होने वाले रंग प्राकृतिक होते हैं, जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित होते हैं। इस कला को सीखने के लिए कई प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां नए कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

Advertisement