कैसे बनते हैं पहाड़ के मशहूर सुंदरकला नूडल्स? जानिए इनकी कहानी और विधि
क्या है खबर?
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से बनाया जाने वाला सुंदरकला एक तरह का नूडल्स व्यंजन है। यह व्यंजन हाल ही में राष्ट्रपति भवन के खाने के मेन्यू में भी शामिल हुआ था। सुंदरकला को खासतौर पर शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में बनाया जाता है और यह गढ़वाल क्षेत्र का पारंपरिक पकवान है। इस लेख में हम आपको सुंदरकला की रेसिपी, इसके इतिहास और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें बताएंगे।
रेसिपी
सुंदरकला बनाने की विधि
सुंदरकला बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के आटे को गूंधा जाता है। इसमें थोड़ा नमक मिलाया जाता है, ताकि इसका स्वाद बढ़ सके। इसके बाद आटे को पतला बेलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। इन टुकड़ों को गर्म पानी में उबाला जाता है और फिर ठंडे पानी में डाल दिया जाता है, ताकि वे चिपके नहीं। उबले हुए नूडल्स को घी या तेल में भूनकर परोसा जाता है, जिससे उनका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
इतिहास
सुंदरकला का इतिहास
सुंदरकला का इतिहास बहुत पुराना है। यह व्यंजन उत्तराखंड की संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। पहले यह केवल घरों में ही बनाया जाता था, लेकिन अब यह होटल और खान-पान की अन्य जगहों में भी मिलने लगा है। इसकी लोकप्रियता बढ़ने के कारण इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। सुंदरकला को पहाड़ी नूडल्स के नाम से भी जाना जाता है और इसका स्वाद अन्य किसी भी नूडल्स से अलग होता है।
पोषक तत्व
सुंदरकला के पोषक तत्व
सुंदरकला में मुख्य रूप से गेहूं का उपयोग होता है, जो प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और विटामिन-B समूह भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा इसमें कम शर्करा स्तर होती है, जिससे यह मधुमेह रोगियों के लिए भी उपयुक्त होती है। इस प्रकार सुंदरकला न केवल स्वादिष्ट, बल्कि पौष्टिक भी होती है, जो हर उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है।
अन्य व्यंजन
अन्य पहाड़ी व्यंजन
सुंदरकला के अलावा उत्तराखंड में कई अन्य पारंपरिक व्यंजन भी प्रसिद्ध हैं। इनमें आलू का आचार, झंगोरा खीर और भट्ट की दाल जैसे कई व्यंजन शामिल हैं। ये सभी व्यंजन अपनी विशेषता और स्वाद के लिए जाने जाते हैं। इन सभी व्यंजनों को तैयार करने की विधि भी सरल होती है, जिससे कोई भी इन्हें आसानी से बना सकता है। उत्तराखंड की यात्रा करते समय ये पकवान जरूर खाने चाहिए।