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राजस्थान की पहचान है घूमर डांस, जानिए इस पारंपरिक कला से जुड़ी जरूरी बातें
घूमर डांस के बारे में सबकुछ

राजस्थान की पहचान है घूमर डांस, जानिए इस पारंपरिक कला से जुड़ी जरूरी बातें

लेखन सयाली
Jul 19, 2026
12:59 pm

क्या है खबर?

घूमर एक पारंपरिक लोक नृत्य कला है, जो राजस्थान के राजपूत समुदाय की महिलाएं करती हैं। यह डांस खास मौकों पर किया जाता है। घूमर में महिलाएं लहंगा-चोली पहनकर गोल घेरे में घूमती हैं और अपने हाथों से अलग-अलग स्टेप करते हुए नाचती हैं। इस डांस की खासियत इसकी गतिशीलता और रंग-बिरंगे कपड़े हैं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। आइए जानते हैं कि घूमर डांस क्या है और इसे कैसे किया जाता है।

इतिहास

कैसे हुई घूमर की शुरुआत?

राजस्थान के मारवाड़ इलाके से शुरू हुआ घूमर, भील ​​जनजाति द्वारा देवी सरस्वती की पूजा के लिए बनाया गया एक पारंपरिक लोक डांस है।

बाद में इसे राजपूत शाही परिवारों ने अपना लिया और यह शादियों और त्योहारों जैसे शुभ मौकों पर घूंघट वाली महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक शानदार दरबारी नृत्य बन गया।

समय के साथ यह आम जनता के बीच भी लोकप्रिय हो गया और अब इसे हर शादी और त्योहार पर प्रस्तुत किया जाता है।

विशेषताएं

घूमर डांस की खास बातें

घूमर डांस की सबसे बड़ी खासियत इसका गोल घेरे में होना है, जिसमें महिलाएं सिर पर मटकी आदि रखकर भी प्रस्तुति देती हैं।

इस दौरान वे अपने लहंगे को हवा में उठाकर गोल घुमाती हैं, जिससे उनके पैरों की थिरकन साफ दिखाई देती है।

इसके अलावा घूमर में महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी लोक गीत भी गाती हैं, जो इस डांस को और भी जीवंत बना देते हैं। इस नृत्य में तेज संगीत और ताल का उपयोग होता है।

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तरीका

घूमर डांस कैसे किया जाता है?

घूमर डांस करने के लिए सबसे पहले महिलाएं लहंगा-चोली पहनती हैं, जो रंग-बिरंगे होते हैं। इसके बाद वे एक गोल घेरे में खड़ी होकर नाचना शुरू करती हैं।

संगीत शुरू होते ही सभी महिलाएं एक साथ नाचना शुरू करती हैं। इस दौरान वे अपने हाथों और पैरों का उपयोग करके विभिन्न मुद्राएं बनाती हैं, जिससे उनका लहंगा हवा में उड़ता रहता है।

पूरे प्रदर्शन के दौरान महिलाएं उत्साह और उमंग से भरी रहती हैं।

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सावधानियां

घूमर डांस से जुड़ी सावधानियां

घूमर डांस करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूरी होता है, ताकि कोई अनहोनी न हो। सबसे पहले ध्यान रखें कि जगह चिकनी न हो, क्योंकि फिसलने का खतरा रहता है।

इसके अलावा कपड़े ढीले होने चाहिए, ताकि नाचते समय कोई रुकावट न आए। साथ ही घुंघरू सही प्रकार से बंधे होने चाहिए, ताकि वे पैर पर न गिरें।

इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए घूमर का आनंद लिया जा सकता है।

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