हर महिला पर खूबसूरत लगती है भागलपुरी साड़ी, जानिए इस पारंपरिक परिधान की खास बातें
क्या है खबर?
भागलपुरी साड़ी बिहार के भागलपुर शहर की एक प्रसिद्ध पारंपरिक पोशाक है। इन साड़ियों की खासियत उनकी बुनाई और डिजाइन में छिपी होती है। आमतौर पर इन साड़ियों को महिलाएं त्योहारों और विशेष अवसरों पर ही पहनती हैं। इनकी मांग और लोकप्रियता आज भी बरकरार है और लगातार बढ़ ही रही है। आज के फैशन टिप्स में हम आपको भागलपुरी साड़ियों से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे, जो इन्हें बेहतरीन विकल्प बनाती हैं।
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भागलपुरी साड़ियों का इतिहास
भागलपुरी साड़ियों का इतिहास बहुत पुराना है। इन साड़ियों की बुनाई का काम लगभग 19वीं सदी से शुरू हुआ था। पहले ये केवल अमीर परिवारों के लिए बनाई जाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी मांग बढ़ने लगी और आज ये हर वर्ग की महिलाओं द्वारा पहनी जाती हैं। इन साड़ियों की बुनाई का तरीका बहुत ही खास और मेहनत भरा होता है, जिसके लिए कारीगर दिन-रात काम करते हैं। इनकी डिजाइन भी बाकी साड़ियां से अलग होती है।
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बुनाई की प्रक्रिया
भागलपुरी साड़ियों की बुनाई एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई तरह के धागों का इस्तेमाल किया जाता है। इन साड़ियों को बनाने के लिए मुख्य रूप से रेशम और सूती धागे का उपयोग किया जाता है। इनकी बुनाई हाथ से की जाती है, जिससे इनकी गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है। इस प्रक्रिया में कई छोटे-छोटे चरण होते हैं, जिनमें धागों को सही तरीके से काटना और जोड़ना भी शामिल होता है।
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रंगों का चयन
भागलपुरी साड़ियों में उपयोग किए जाने वाले रंग प्राकृतिक होते हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इन रंगों को बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की पत्तियों, फूलों और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि भागलपुरी साड़ियां पहनने पर त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। इसके अलावा ये रंग लंबे समय तक टिके रहते हैं और धूप या बारिश से फीके नहीं पड़ते, जिससे इनकी सुंदरता सालों-साल बरकरार रहती है।
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डिजाइन और पैटर्न
भागलपुरी साड़ियों के डिजाइन बहुत ही आकर्षक होते हैं, जिनमें ज्यामितीय आकार और फूल-पत्तियां आदि शामिल होते हैं। इन पैटर्न को बनाने के लिए पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जो इन्हें और अनोखा बना देते हैं। इन साड़ियों पर की गई कढ़ाई भी बहुत सुंदर होती है, जिसमें बारीक कारीगरी का काम दिखाई देती है। इस प्रकार भागलपुरी साड़ियां न केवल अपनी गुणवत्ता, बल्कि अपने डिजाइन के लिए भी मशहूर हैं।
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इस तरह करें भागलपुरी साड़ी की देखभाल
भागलपुरी साड़ियों की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही तरीके से किया जाए तो ये लंबे समय तक नई जैसी रहती हैं। इन्हें धोने के लिए हल्का साबुन उपयोग किया जा सकता है। इन्हें धूप से बचाकर रखा जाना चाहिए, ताकि इनकी चमक बनी रहे और रंग फीका न पड़े। इन्हें अच्छी तरह प्रेस करवाने के बाद तहाकर एक जीप लॉक बैग में रखें। ऐसा करने से ये मुड़ेंगी नहीं और इन पर सिलवटें नहीं आएंगी।