घर पर सत्तू बनाते समय इन 5 बातों का रखें खास ध्यान, होगा फायदा
क्या है खबर?
सत्तू को 'बिहार का शहंशाह' भी कहा जाता है क्योंकि यह बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में काफी लोकप्रिय है। यह एक पौष्टिक और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है, जो अलग-अलग अनाजों से बनाया जाता है। आमतौर पर लोगों का मानना है कि सत्तू सिर्फ गर्मियों में ही सेवन करना चाहिए, लेकिन सत्तू को सही तरीके से बनाने पर पूरे साल इसका सेवन किया जा सकता है। आइए सत्तू बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें जानें।
#1
सही अनाज का चयन करें
सत्तू बनाने के लिए सही अनाज का चयन बहुत जरूरी है। आमतौर पर लोग चने से सत्तू बनाते हैं, लेकिन आप चाहें तो इसके लिए अन्य अनाज जैसे जौ, गेहूं और मक्का आदि का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इन अनाजों में उच्च प्रोटीन और फाइबर होता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा इन अनाजों को मिलाकर भी सत्तू बनाया जा सकता है, जिससे इसका पोषण मूल्य और भी बढ़ सकता है।
#2
भूनने का तरीका सही हो
सत्तू बनाने के लिए अनाजों को भूनना बहुत जरूरी है। भूनते समय ध्यान रखें कि अनाज ज्यादा भूरे न हों क्योंकि इससे उनका पोषण कम हो सकता है। बेहतर होगा कि आप अनाजों को धीमी आंच पर भूनें ताकि वे अच्छे से पक जाएं और उनका स्वाद भी बेहतरीन रहे। भूनने के दौरान अनाजों की खुशबू आपके रसोईघर को महका देगी। इसके अलावा भूनते समय यह भी ध्यान रखें कि अनाज जलने न पाएं।
#3
पानी का इस्तेमाल न करें
सत्तू बनाने के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे अनाज गीले हो जाते हैं और सत्तू बनने में समय लगता है। इसके बजाय आप सूखे भुने अनाजों को पीसकर सत्तू बना सकते हैं। इससे सत्तू जल्दी तैयार होगा और उसका स्वाद भी बेहतरीन रहेगा। सूखे भुने अनाजों से बना सत्तू पौष्टिक होता है और इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसलिए पानी का उपयोग न करें और सूखे भुने अनाजों से ही सत्तू बनाएं।
#4
मसालों का सही मेल चुनें
सत्तू बनाने के लिए मसालों का सही मेल चुनना भी बहुत अहम होता है। आमतौर पर लोग नमक, काली मिर्च, जीरा आदि मसालों का उपयोग करते हैं, लेकिन आप चाहें तो इसमें हरी मिर्च, अदरक-लहसुन पेस्ट, नींबू रस आदि भी मिला सकते हैं। इन मसालों से सत्तू का स्वाद और भी बढ़ जाएगा। इसके अलावा आप चाहें तो इसमें थोड़ी सी हरी धनिया पत्ती भी मिला सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा।
#5
स्टोरेज का ध्यान रखें
सत्तू को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे एयरटाइट डिब्बे में रखें। इससे नमी और कीड़ों से बचाव होगा। इसके अलावा सर्दियों में सत्तू में थोड़ा-सा सरसों का तेल मिलाकर रखना चाहिए ताकि उसका स्वाद बना रहे और वह लंबे समय तक सुरक्षित रहे। इस तरह आप आसानी से घर पर ही पौष्टिक और स्वादिष्ट सत्तू बना सकते हैं, जिसका सेवन पूरे परिवार के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।