तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK से निष्कासित ओ पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल
क्या है खबर?
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) शुक्रवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (DMK) में शामिल हो गए। उनको मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में औपचारिक रूप से कागज पर हस्ताक्षर कराकर DMK में शामिल कराया। उनके बेटे पी रविंद्रनाथ कुमार भी DMK में शामिल हुए हैं।
राजनीति
OPS से DMK को क्या होगा फायदा?
पन्नीरसेल्वम ने 2021 में अपने गृह थेत्र थेनी के बोदिनायकनूर (बोडी मेट्टू) से निर्दलीय चुनाव जीता था। DMK इनको इसी सीट से उतार सकती है। इस सीट का पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता 1989 में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पन्नीरसेल्वम 2011 से इसका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जयललिता के विश्वासपात्र माने जाने वाले पन्नीरसेल्वम DMK के लिए दक्षिणी तमिलनाडु में बेहतर साबित हो सकते हैं। यहां थेवर बहुल क्षेत्र में पन्नीरसेल्वम का प्रभाव अभी भी बना हुआ है।
ट्विटर पोस्ट
ओ पन्नीरसेल्वम का DMK में स्वागत
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: Former Chief Minister and expelled AIADMK leader O. Panneerselvam joins DMK in the presence of party chief and CM MK Stalin, Deputy CM Udhyanidhi Stalin and others.
— ANI (@ANI) February 27, 2026
(Video: DMK) pic.twitter.com/Y4RbQMmrdp
निष्कासन
OPS का AIADMK से क्यों हुआ था निष्कासन?
वर्ष 2016 में जयललिता की मौत के बाद OPS और एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के बीच समझौता हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे EPS मजबूत हो गए और OPS को किनारे लगा दिया। पार्टी ने जॉइंट कोऑर्डिनेटर प्रणाली (दोनों को संयुक्त रूप से महासचिव बनाने की व्यवस्था) को खत्म कर दिया और एक अंतरिम महासचिव रखा। OPS पर DMK से मिले होने का आरोप लगाया गया और पार्टी के विरूद्ध काम करने पर 11 जुलाई 2022 को निष्कासन हुआ था।
परिचय
कौन हैं OPS?
थेनी निवासी ओत्तकारथेवर पन्नीरसेल्वम (75) तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं। वे मरवर (थेवर समुदाय) से हैं। इनके बेटे रविंद्रनाथ सांसद रहे हैं। OPS राजनीति में आने से पहले चाय की दुकान चलाते थे। वे 18 साल की उम्र में DMK में वॉलंटियर बने और 1973 में AIADMK में शामिल हुए। 1996-2001 में पेरियाकुलम नगरपालिका के चेयरमैन रहे। वे जयललिता के वफादार थे। जब 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने उनको अयोग्य ठहराया तब OPS 162 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे।