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अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत, कोर्ट ने शराब नीति मामले में किया बरी
शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सभी आरोपों से बरी

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत, कोर्ट ने शराब नीति मामले में किया बरी

Feb 27, 2026
11:06 am

क्या है खबर?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा लगाए गए दिल्ली शराब नीति मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाया कि शराब नीति के निर्माण में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश या गड़बड़ी के सबूत नहीं है और बिना सबूत के आरोप सिद्ध नहीं हो सकते हैं। यह फैसला केजरीवाल और सिसोदिया के लिए बड़ी राहत है।

राहत

कोर्ट मामले में बनाए गए 18 आरोपियों को किया बरी

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केजरीवाल और सिसोदिया के साथ मामले में आरोपी बनाए गए कुल 18 लोगों को बरी करते हुए कहा कि CBI की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार थे। प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आरोपियों पर आपराधिक इरादे साबित नहीं होते हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आरोप पर ठोस और पर्याप्त सबूत होने पर ही भरोसा किया जा सकता है। जांच एजेंसी की ओर से प्रस्तुत किए गए सबूत अपर्याप्त हैं।

टिप्पणी

कोर्ट ने CBI की जांच पर क्या की टिप्पणी?

कोर्ट ने शराब नीति मामले में सिसोदिया और केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि CBI द्वारा प्रस्तुत मामला न्यायिक जांच में खरा नहीं उतरा है। इसी तरह केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से किसी भी आपराधिक इरादे का संकेत देने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। कोर्ट ने कहा कि जब दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर मौजूद बयानों के साथ पढ़ा गया, तो वे किसी भी गलत काम के बजाय प्रशासनिक विचार-विमर्श को दर्शाते हैं।

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सवाल

कोर्ट ने CBI की जांच पर भी उठाए सवाल

कोर्ट ने शराब नीति मामले में CBI की जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि कुछ बयान और राय जांच रिकॉर्ड में क्यों शामिल नहीं किए गए, जिससे जांच के तरीके में संभावित कमियों का संकेत मिलता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्टीकरण मांगा कि CBI ने कैसे दावा किया कि आबकारी नीति पर 3 कानूनी विशेषज्ञों की राय उसके मामले का समर्थन करती है, जिससे एजेंसी द्वारा सामग्री की व्याख्या पर संदेह पैदा होता है।

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जानकारी

कोर्ट ने 'दक्षिण समूह' शब्द पर भी जताई आपत्ति

कोर्ट ने CBI की ओर से मामले में 'दक्षिण समूह' शब्द के प्रयोग करने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस अभिव्यक्ति में पूरी तरह से स्पष्टता का अभाव है और मामले के रिकॉर्ड में इसका कोई उचित साक्ष्य आधार ही नहीं है।

प्रकरण

क्या है शराब नीति मामला?

AAP की तत्कालीन दिल्ली सरकार ने नवंबर, 2021 में नई शराब नीति लागू की थी, जिसके बाद उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसमें अनियमितताओं की आशंका जताते हुए मामले की CBI जांच कराने की सिफारिश की थी। जुलाई, 2022 में सरकार ने इस नीति को रद्द कर दिया था। CBI ने अपनी जांच के बाद मामले में सिसोदिया और केजरीवाल समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसके बाद CBI ने केजरीवाल और सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।

प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले पर बोले केजरीवाल- सत्य की हमेशा जीत होती है

केजरीवाल ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "सत्य की हमेशा जीत होती है और अगर भाजपा सचमुच सत्ता चाहती थी, तो उसे इस मामले में उन्हें जेल भेजने के बजाय लोगों का विश्वास जीतने के लिए काम करना चाहिए था। न्याय दिलाने वाले न्यायाधीश का मैं बहुत आभारी हूं। हमें न्याय प्रणाली पर भरोसा है। भगवान हमारे साथ हैं। सत्य की जीत हुई।" इस दौरान केजरीवाल काफी भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए।

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें केजरीवाल के भावुक होने का वीडियो

आरोप

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर लगाया आरोप

केजरीवाल ने भावुक स्वर में आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मेरे खिलाफ साजिश रची है। उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री रहते हुए 6 महीने जेल में रखने और सिसोदिया को मनगढ़ंत आधार पर कैद रखने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध लिया गया है।" उन्होंने कहा, "केजरीवाल का ईमानदार रवैया है। आज मुझे कोर्ट ने भी बोला है! यह रिहाई दैवीय न्याय है और सच्चाई को कोई भी द्वेषता और षड्यंत नहीं हरा सकता है।"

प्रतिक्रिया

केजरीवाल की पत्नी ने भी दी प्रतिक्रिया

कोर्ट के इस फैसले पर केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'इस दुनिया में, कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं उठ सकता। सत्य की हमेशा जीत होती है।' इस भावुक क्षण ने AAP के समर्थकों को उत्साहित कर दिया, जो वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद इसे अपनी जीत मानकर खुशी से झूम उठे हैं। समर्थक अब विजयी जुलूस निकालने की तैयारी में जुट गए हैं।

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