दुर्गा पूजा के दौरान बनाकर खाएं ये 5 मिठाइयां, त्योहार का मजा हो जाएगा दोगुना
क्या है खबर?
दुर्गा पूजा का त्योहार 16 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 21 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा की जाती है और इस त्योहार में पश्चिम बंगाल के लोग तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनाते हैं। आइए आज हम आपको 5 ऐसी बंगाली मिठाइयों की रेसिपी बताते हैं, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं और इनका स्वाद दुर्गा पूजा के उत्सव को दोगुना कर सकता है।
#1
बंगाली रसगुल्ला
सबसे पहले एक कटोरे में 200 ग्राम छेना को अच्छी तरह से मसलकर उसमें 2 बड़े चम्मच मैदा मिलाएं। अब इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर एक प्लेट में रखें।
इसके बाद एक पैन में 3 कप पानी और 2 कप चीनी मिलाकर इसे 5 मिनट तक पकाएं, फिर इसमें तैयार की हुई छेना की गोलियां डालकर ढक दें और 5 मिनट तक पकने दें।
आखिर में रसगुल्लों को ठंडा करके परोसें।
#2
बंगाली कदली पोड़ा
यह मिठाई खासतौर से बंगाल में बनती है। इसके लिए सबसे पहले एक कटोरे में एक कप चावल का आटा, एक कप चीनी पाउडर, एक कप पानी और थोड़ा-सा इलायची का पाउडर मिलाएं।
अब इस मिश्रण को एक गाढ़े घोल में बदल दें। इसके बाद गैस पर एक कढ़ाई रखें और उसमें घी गर्म करके मिश्रण को करछी भरकर कढ़ाई में डालें।
जब मिश्रण सुनहरा भूरा हो जाए तो इसे एक प्लेट में निकालें। इसी तरह सारे मिश्रण से बनाएं।
#3
संदेश
इसे बनाने के लिए सबसे पहले पनीर को मैश करें। इसके बाद एक पैन में मैश पनीर और चीनी मिलाकर 5-7 मिनट तक पकाएं।
अब इस मिश्रण से गोल लोइयां बनाकर उन्हें घी से चिकना करें और मोल्ड का उपयोग करके उन्हें डिजाइन दें। आखिर में इन लोइयों को किशमिश और बादाम से सजाकर 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखने के बाद परोसें।
इसका स्वाद आपके साथ-साथ आपके परिवार वालों को भी पसंद आएगा।
#4
चमचम
चमचम छेना से बनने वाली एक स्वादिष्ट मिठाई होती है, जो कुछ हद तक रसगुल्ले जैसी ही लगती है। इसकी बनावट मुलायम होती है और यह मुंह में जाते ही घुल जाती है।
इसमें केसर और इलायची भी शामिल की जाती हैं, ताकि इसे एक अच्छी खुशबु और खास स्वाद मिल सके। इसमें चाशनी भरी होती है और इसे घिसे हुए नारियल से सजाकर परोसा जाता है।
आप इस मिठाई को इसके विभिन्न रंगों और बेलनाकार बनावट से पहचान सकेंगे।
#5
पंतुआ
हम सभी को गुलाब जामुन पसंद आता है, जिससे मिलती-जुलती एक मिठाई पश्चिम बंगाल में भी बनाई जाती है। हम बात कर रहे हैं पंतुआ की, जिसे मावा, सूजी या मैदा आदि से बनाया जा सकता है।
इसे बनाने के लिए पहले आटा गूंधकर उसे आकार दिया जाता है, फिर घी में तला जाता है। इसके बाद सभी पंतुओं को चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है।
इनमें मेवे, खोया और इलायची आदि की स्टफिंग भी की जाती है।