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युवा वयस्कों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाले 5 प्रमुख कारण, इन्हें न करें नजरअंदाज

युवा वयस्कों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाले 5 प्रमुख कारण, इन्हें न करें नजरअंदाज

लेखन सयाली
Nov 29, 2025
04:02 pm

क्या है खबर?

स्ट्रोक दिमाग की एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जो मस्तिष्क की रक्त वाहिका के अवरुद्ध होने या फटने से होती है। इसके चलते रक्त दिमाग तक नहीं पहुंच पाता है और दिमाग काम करना बंद कर सकता है। आम तौर पर यह परेशानी बुजुगों को होती है, लेकिन इन दिनों युवा वयस्क भी स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। आज के लेख में इसी पर चर्चा करेंगे कि युवा वयस्कों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाले प्रमुख कारण क्या हैं।

#1

दिल की बीमारियां

जिन लोगों को अज्ञात हृदय रोग होते हैं, उन्हें इस स्थिति का खतरा रहता है। एट्रियल फिब्रिलेशन (AFib) और पेटेंट फोरामेन ओवेल (PFO) जैसी दिल की बीमारियां इस बीमारी का कारण बनती हैं। AFib के कारण दिल में खून जम जाता है, जिससे बनने वाले थक्के दिमाग तक पहुंचकर स्ट्रोक की वजह बनते हैं। PFO दिल में एक छेद होता है, जो जन्म के बाद ठीक से बंद नहीं होता। इसके थक्के फेफड़ों से मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं।

#2

गर्भनिरोधक दवाइयां

गर्भनिरोधक दवाइयां कई स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बनती हैं, जिनमें से एक स्ट्रोक भी है। जिन गर्भनिरोधक दवाइयों में एस्ट्रोजन होता है, विशेष रूप से वो इस स्थिति के जोखिम को बढ़ाती हैं। ऊपर से महिला का मोटा होना और धूम्रपान जैसी आदतों का शिकार होना परेशानी और बढ़ाएगा। इसीलिए जरूरी होता है कि गर्भनिरोधक गोली खाने से पहले गयनेकोलॉजिस्ट से परामर्श किया जाए। आप बिना एस्ट्रोजन वाली दवाइयों का विकल्प चुन सकती हैं।

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#3

उच्च ब्लड प्रेशर

आज के दौर में ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या केवल वृद्धों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी नजर आती है। उच्च ब्लड प्रेशर को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि आमतौर पर इसका कोई लक्षण तब तक नहीं दिखता जब तक गंभीर हानि न हो जाए। इससे दिमाग तक खून पहुंचाने वाली धमनियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे स्ट्रोक हो सकता है और दिल का दौरा भी पड़ सकता है।

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#4

सूजन संबंधी रोग

ल्यूपस और वास्कुलिटिस जैसी सूजन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को स्ट्रोक होने का डर रहता है। ये बीमारियां रक्त वाहिकाओं में सूजन पैदा कर सकती हैं, जिससे उनके संकरे होने या थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। इससे दिमाग में खून का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है, जिसकी वजह से स्ट्रोक हो सकता है। इससे बचने के लिए अपनी दवाइयां समय से लेते रहें और डॉक्टरों से नियमित जांच करवाना न भूलें।

#5

धूम्रपान

आज के युवा वयस्क धूम्रपान की बुरी आदत का शिकार हो जाते हैं और दिनभर सिगरेट पीते रहते हैं। इस आदत की वजह से उन्हें स्ट्रोक का खतरा रहता है। धूम्रपान करने से खून जम सकता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है। साथ ही इसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ने का भी जोखिम रहता है। तंबाकू में मौजूद रसायन प्लाक के निर्माण का कारण बनते हैं, जो धमनियों को संकीर्ण करके स्ट्रोक की वजह बन सकते हैं।

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