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ब्रेड से पहले भारत के लोग नाश्ते में खाते थे ये पकवान, अब नहीं हैं लोकप्रिय
ब्रेड से पहले भारतीयों के पसंदीदा नाश्ते

ब्रेड से पहले भारत के लोग नाश्ते में खाते थे ये पकवान, अब नहीं हैं लोकप्रिय

लेखन सयाली
Jun 28, 2026
07:05 pm

क्या है खबर?

आजकल ब्रेड का उपयोग बहुत आम हो गया है। हालांकि, एक समय था जब ब्रेड इतनी लोकप्रिय नहीं थी और लोग इससे दूर ही रहते थे। उस समय लोग नाश्ते के लिए कई तरह के व्यंजन बनाते थे। ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते थे, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद थे। हालांकि, आज ये व्यंजन मानो कहीं खो से गए हैं। आइए जानते हैं उन नाश्ते वाले व्यंजनों के बारे में, जो अब लोकप्रिय नहीं रहे।

#1

जुनका भाखरी

जुनका भाखरी महाराष्ट्र का एक मशहूर नाश्ता है, जो अब ज्यादा घरों में नहीं बनता। यह ज्वार, बाजरा या रागी से बनने वाली भाखरी होती है, जिसे जुनका के साथ खाया जाता है। जुनका बेसन की चटपटी भुजिया होती है, जो भाखरी के स्वाद को दोगुना कर देती है। पारंपरिक तौर पर यह व्यंजन ऊर्जा पाने के लिए खाया जाता था, ताकि दिनभर लोग आसानी से बिना थके काम कर सकें।

#2

जोलपान

असम के लोग एक खास तरह का नाश्ता करना पसंद करते थे, जिसे जोलपान कहा जाता है। इसे खास तौर पर बिहु के जश्न के दौरान बनाकर खाया जाता है। इसकी मुख्य सामग्री चिरा (चपटे चावल), मुरी (फुले हुए चावल) या अखोई (भुने हुए चावल) होते हैं। इन्हें गर्म दूध, गाढ़ी क्रीम और गुड़ के मिश्रण में डालकर खाया जाता था। अब लोग इसकी जगह पर ब्रेड का ज्यादा सेवन करने लगे हैं।

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#3

दलिया

दलिया एक सेहतमंद नाश्ता है, जिसे बारीक गेहूं के दानों से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए दलिया को पानी या दूध में पकाया जाता है, फिर उसमें चीनी या नमक मिलाया जाता है। दलिया को सूखे मेवे और इलायची पाउडर से सजाया जा सकता है। यह व्यंजन पौष्टिक और स्वादिष्ट है, जो आपको पूरे दिन ऊर्जा प्रदान करता है और इसे बनाना भी आसान है। हालांकि, अब ज्यादातर लोग इसे नहीं खाते हैं।

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#4

पलाया सोरु

बचा हुआ खाना खाने की पारंपरिक ग्रामीण प्रथा दक्षिण भारत में भी आम थी। इसके चलते ही नाश्ते में लोग पलाया सोरु खाते थे, ताकि खान बर्बाद न हो। यह पानी में फर्मेंट किए हुए चावल से बनने वाला व्यंजन है, जिसके साथ में प्याज, हरी मिर्च और छाछ मिलाई जाती है। यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद पकवान है, क्योंकि यह फर्मेंटेड होता है। अब यह पकवान घरों में भी नहीं बनता है।

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