भारत के ऐसे 5 प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, जहां सेल्फी लेना है मना
क्या है खबर?
आजकल सेल्फी लेना बहुत आम हो गया है। यह न केवल यादों को संजोने का एक तरीका है, बल्कि खुद ही अपनी तस्वीरें लेने का सबसे आसान जरिया है। हालांकि, कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां सेल्फी लेने पर रोक लगी हुई है। इसका कारण वहां की संस्कृति, धार्मिक महत्व या सुरक्षा कारण हो सकते हैं। आइए आज हम आपको भारत के 5 ऐसे पर्यटन स्थलों के बारे में बताते हैं, जहां सेल्फी लेना मना है।
#1
ताजमहल
ताजमहल भारत का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है और इसे विश्व धरोहर स्थल और दुनिया के 7 अजूबों का दर्जा प्राप्त है। यहां सेल्फी लेने पर रोक है।
इसका कारण यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और स्मारक की सुरक्षा है। इसके अलावा यहां की वास्तुकला और इतिहास को नुकसान पहुंचाने से बचाने के लिए भी ऐसा किया गया है।
आप बाहर के बगीचे में सेल्फी ले सकते हैं। हालांकि, स्मारक के अंदर ऐसा करना सख्त मना है।
#2
काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है और यहां भी सेल्फी लेने की अनुमति नहीं है। इसका कारण धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना है।
काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां सेल्फी न लेने का नियम इसलिए है, ताकि भक्तों की श्रद्धा और पूजा-पाठ में कोई विघ्न न आए।
इसके अलावा यहां की पवित्रता बनाए रखने के लिए भी ऐसा किया गया है।
#3
हाजी अली दरगाह
मुंबई के हाजी अली दरगाह में भी सेल्फी लेने पर रोक है। यह दरगाह समुद्र के बीच स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
यहां आने वाले श्रद्धालुओं की श्रद्धा को बनाए रखने और किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।
इसके अलावा यहां की पवित्रता बनाए रखने के लिए भी ऐसा किया गया है। यहां अगर कोई पर्यटक सेल्फी लेता है तो उसे बाहर निकाल दिया जाता है।
#4
जामा मस्जिद
दिल्ली की जामा मस्जिद भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां भी सेल्फी लेने पर रोक लगाई गई है।
इसका कारण यहां की पवित्रता बनाए रखना और धार्मिक स्थलों की संस्कृति को सुरक्षित रखना है। जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है और इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने 1656 में बनवाया था।
यहां की वास्तुकला बहुत सुंदर है और यह जगह पर्यटकों को आकर्षित करती है।
#5
अजंता-एलोरा गुफाएं
अजंता-एलोरा गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित 2 अलग-अलग गुफाओं का समूह हैं, जो प्राचीन भारतीय वास्तुकला और कला का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
यहां भी सेल्फी लेने पर रोक लगी हुई है। इसका कारण यहां की पवित्रता बनाए रखना और धार्मिक स्थलों की संस्कृति को सुरक्षित रखना है।
अजंता गुफाओं का निर्माण 2वीं-7वीं शताब्दी के बीच हुआ था, जबकि एलोरा गुफाओं का निर्माण 5वीं-10वीं शताब्दी के बीच किया गया था।