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क्या आपका बच्चा ऑटिस्टिक है? जानिए इस स्थिति के 5 शुरुआती संकेत
बच्चों में ऑटिज्म के शुरूआती लक्षण

क्या आपका बच्चा ऑटिस्टिक है? जानिए इस स्थिति के 5 शुरुआती संकेत

लेखन सयाली
Feb 11, 2026
07:12 pm

क्या है खबर?

ऑटिज्म एक दिमागी समस्या है, जो बच्चों में जन्म से ही पैदा हो सकती है। यह एक स्पेक्ट्रम विकार है, जिसका मतलब है कि इसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। ऑटिज्म के लक्षण 2 से 3 साल की उम्र में दिखाई देने लगते हैं। आइए इसके 5 शुरुआती संकेत जानते हैं, जो माता-पिता के लिए जानना जरूरी है। इन पर ध्यान देकर आप जान पाएंगे कि आपका बच्चा ऑटिस्टिक है या नहीं।

#1

सामाजिक मेलजोल में कमी

ऑटिज्म से प्रभावित बच्चे सामाजिक मेलजोल करने में कमी दिखा सकते हैं। वे दूसरों के साथ खेलने या बात करने में रुचि नहीं दिखाते और अकेले रहना पसंद करते हैं। वे आंखों में आंखें डालकर बात करने से बचते हैं, क्योंकि उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है। अगर आपका बच्चा दूसरों के साथ खेलने या बातचीत करने से बचता या घबरा जाता है, तो यह ऑटिज्म का एक संकेत हो सकता है।

#2

संवेदनाओं पर ज्यादा प्रतिक्रिया देना

ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे अक्सर संवेदनाओं पर ज्यादा प्रतिक्रिया देते हैं। उदाहरण के लिए, अगर उन्हें कोई तेज आवाज सुनाई देती है या किसी चीज का स्पर्श अजीब लगता है, तो वे परेशान हो जाते हैं। हल्की रोशनी या तेज रंगों से भी वे चौंक सकते हैं या रोने लग सकते हैं। अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा प्रतिक्रिया देता है, तो उसे डाटना बंद कर दें। ऐसा उसके ऑटिज्म के कारण हो सकता है।

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#3

सीमित रुचियां होना

ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों की रुचियां सीमित होती हैं और वे ज्यादा नई चीजें आजमाना पसंद नहीं करते। वे एक ही तरह की गतिविधियों को बार-बार करना पसंद करते हैं और उनसे ऊबते नहीं हैं। उदाहरण के लिए, खिलौनों को एक कतार में सजाना या किसी चीज को गोल-गोल घुमाना। वे एक ही टीवी शो या वीडियो को बार-बार देखना पसंद करते हैं और नए अनुभवों से बचते हैं। उनकी रुचि किसी नई चीज में जगाना बहुत मुश्किल होता है।

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#4

भाषा विकास में देरी

ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों का भाषा विकास बाकि बच्चों की तुलना में काफी धीमा होता है। वे शब्दों का सही उपयोग नहीं कर पाते और इशारों का सहारा लेते हैं। ऐसे बच्चे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में असमर्थ होते हैं और रोकर ही अपनी जरूरतें बता पाते हैं। अगर आपका बच्चा बोलने में देरी कर रहा है या शब्दों का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है, तो यह ऑटिज्म का संकेत हो सकता है।

#5

बदलाव से डर

ऑटिज्म से प्रभावित बच्चे बदलावों से डरते हैं, क्योंकि उन्हें केवल अपनी आरामदायक जीवन में ही खुशी मिलती है। वे अपनी दिनचर्या में किसी भी बदलाव को सहन नहीं कर पाते और अगर कोई आदत बदल दी जाए, तो परेशान हो जाते हैं। वे नए माहौल या नई जगहों पर जाने से कतराते हैं। अगर आपका बच्चा बदलावों से डरता है, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं और ऑटिज्म की जांच करवाएं।

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