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भारतीय पहाड़ी इलाकों में ही मिलती हैं ये लजीज मिठाइयां, जो मुंह में ला देंगी पानी
भारतीय पहाड़ी इलाकों में मिलने वाली मिठाइयां

भारतीय पहाड़ी इलाकों में ही मिलती हैं ये लजीज मिठाइयां, जो मुंह में ला देंगी पानी

लेखन सयाली
Apr 10, 2026
07:37 pm

क्या है खबर?

भारतीय पहाड़ी इलाकों की यात्रा करना एक अनोखा अनुभव है। यहां की ठंडी हवा, खूबसूरत नदियां और हरियाली मन को शांति देती है। इसके साथ ही इन पहाड़ी इलाकों में कई खास मिठाइयां भी मिलती हैं, जो आपके सफर को और भी यादगार बना सकती हैं। इन मिठाइयों का स्वाद और इनकी बनावट आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं। ये सभी केवल पहाड़ी इलाकों में ही मिलती हैं।

#1

बाल मिठाई

अगर आप उत्तराखंड गए हैं तो आप बाल मिठाई के बारे में जरूर जानते होंगे। इसे पहाड़ी चॉकलेट भी कहा जाता है, क्योंकि इसका रंग उसी जैसा लगता है। यह भूरे रंग की फज जैसी मिठाई भुने हुए खोया से बनाई जाती है। इसके बाद इसे चीनी से बनी छोटी-छोटी गोलियों से लपेटा जाता है। यह खास तौर से कुमाऊं इलाके में प्रसिद्ध है। यह मिठाई आपको किसी भी मंदिर के बाहर आराम से मिल जाएगी।

#2

भागसू केक

भागसू केक एक लजीज, 3 परतों वाली मिठाई है, जो हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक व्यंजन है। इसे धर्मशाला के पास स्थित भागसू गांव में पहली बार बनाया गया था। इसमें मक्खन और बिस्किट से बना कुरकुरा बेस शामिल होता है, जो इसका आधार बनता है। इसके ऊपर गाढ़े कारमेल की लेयर डाली जाती है और ऊपर से गाढ़ी डार्क चॉकलेट डाली जाती है। इसे आप गर्म या ठंडा, दोनों तरह से खा सकते हैं।

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#3

सिंगोरी

सिंगोरी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक पारंपरिक मिठाई है, जो विशेष रूप से अल्मोड़ा में प्रसिद्ध है। इसमें गाढ़ा दूध यानि खोया), नारियल, चीनी और इलायची शामिल होती है। इस मिठाई को कोन के आकार में मालू नाम की पत्तियों में लपेटकर परोसा जाता है। कई लोग कहते हैं कि इस मिठाई का स्वाद काफी हद तक कलाकंद जैसा होता है। इसे ठंडा करके ही परोसा जाता है, जिससे इसका असली स्वाद पता चलता है।

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#4

अक्टोरी

अक्टोरी हिमाचल प्रदेश की लाहौल-स्पीति घाटी की एक पारंपरिक मिठाई है, जिसे त्योहारों पर बनाया जाता है। यह कुट्टू और गेहूं के आटे से बना पैनकेक होता है, जिसको घी और शहद के साथ परोसा जाता है। इस पकवान को हिमाचल के पारंपरिक त्योहारों पर बनाया जाता है और कई बार देवी देवताओं को प्रसाद के रूप में भी अर्पित किया जाता है। यह विदेशी पैनकेक को टक्कर दे सकता है।

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