नेपाल के पारंपरिक डांस, जो करती हैं इस देश की समृद्ध संस्कृति का बखान
क्या है खबर?
नेपाल एक ऐसा देश है, जहां के लोगों में कला और संस्कृति की गहरी समझ है। यहां के पारंपरिक डांस इसकी सबसे बड़ी पहचान में से एक हैं। नेपाल के पारंपरिक डांस न केवल मनोरंजक होते हैं, बल्कि इनमें सामाजिक और धार्मिक संदेश भी छिपे होते हैं। इस लेख में हम आपको नेपाल के 4 प्रमुख पारंपरिक डांस के बारे में बताएंगे, जो इस देश की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं।
#1
मारुनी डांस
मारुनी नेपाल का सबसे पुराना पारंपरिक डांस है, जो पुराने समय में केवल पुरुषों द्वारा किया जाता था। ऐतिहासिक रूप से इसे मनोरंजन के लिए महिलाओं के वेश में सजे पुरुषों द्वारा प्रस्तुत किया जाता था, लेकिन अब इसे महिलाएं भी करती हैं। यह डांस केवल नेपाल के लोग ही नहीं, बल्कि सिक्किम, असम और दार्जलिंग के निवासी भी करते हैं। यह मगर समुदाय का लोक नृत्य है, जो बेहद मनोरंजक होता है।
#2
तमांग सेलो डांस
तमांग सेलो भी नेपाल का एक लोकप्रिय डांस फॉर्म है, जिसमें तेज और ऊर्जावान स्टेप किए जाते हैं। इसे तमांग समुदाय के लोग प्रस्तुत करते हैं, जो इसके जरिए खुशी, प्यार और कभी-कभी दुख को व्यक्त करते हैं। इस डांस में डम्फू का खास महत्व होता है, जो एक किस्म का ढोल होता है। इस वाद्य यंत्र की ताल पर लोग दिल खोलकर नाचते हैं, जिससे सभी लोगों का मनोरंजन भी हो जाता है।
#3
सकेला डांस
नेपाल में पूजा के लिए भी एक खास डांस होता है, जिसे सकेला डांस कहते हैं। यह राय समुदाय का एक पारंपरिक डांस है, जो प्रकृति और पूर्वजों की पूजा के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसके जरिए भगवान परुहंग और देवी सुमनिमा को प्रसन्न करने की भी कोशिश की जाती है। यह डांस अक्सर सकेला उत्सव के दौरान किया जाता है, जिसमें नर्तक गोला बनाकर खड़े होते हैं। इस दौरान वे जानवरों और पक्षियों की नकल करते हैं।
#4
लाखे डांस
नेपाल की नेवार समुदाय के लोग लाखे डांस करते हैं, जो मनोरंजक और जीवंत होता है। इसमें एक पवित्र मुखौटा लगाकर डांस किया जाता है, जो किसी राक्षस या देवता का प्रतिनिधित्व करने वाला होता है। इसे खास तौर से एन्या पर्व के दौरान प्रस्तुत किया जाता है, जो काठमांडू में मनाया जाता है। इस डांस में नृतक ऊर्जावान स्टेप करते हैं और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं।