
पहलवानों ने धरना जारी रखने का किया ऐलान, बोले- बृजभूषण सिंह को भेजा जाए जेल
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर में धरने पर बैठे पहलवानों ने कहा है कि जब तक भारतीय कुश्ती संघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह गिरफ्तार कर जेल नहीं भेज दिया जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ FIR दर्ज कराने तक सीमित नहीं है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पहलवानों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण के आरोपों में घिरे बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही है।
बयान
पहलवान बोले- बृजभूषण सिंह को भेजा जाए जेल
पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा, "बृजभूषण को तुरंत जेल में डाला जाए। जब तक उन्हें जेल में नहीं डाला जाएगा, तब तक हम यहां से नहीं उठेंगे। वे कह रहे हैं कि खिलाड़ियों ने कोई सबूत नहीं दिया। अगर सबूत नहीं दिया होता तो सुप्रीम कोर्ट FIR का आदेश नहीं देता।"
साक्षी मलिक ने कहा, "अभी भी कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज हुआ है, लेकिन WFI अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
कोर्ट
विनेश फोगाट बोलीं- बृजभूषण को पद से हटाकर डाला जाए जेल
विनेश फोगाट ने कहा, "FIR पहले दिन ही होनी चाहिए थी। सिर्फ FIR से कुछ होने वाला नहीं है। बृजभूषण पर पहले से 85 से ज्यादा FIR हैं। उनको पदों से हटाकर जेल में डालना होगा। हम अब किसी कमेटी या दिल्ली पुलिस को कोई सबूत नहीं देंगे। हम कोर्ट में ही सबूत देंगे।"
उन्होंने कहा, "ये सिर्फ कुश्ती की बात नहीं है, अगर देश का भविष्य स्पोर्ट्स में बचाना है तो हमें एक साथ आना होगा।"
बयान
पूनिया का आरोप- खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी नहीं उठाया फोन
इंडिया टुडे के मुताबिक, याचिका पर सुनवाई के बाद पहलवानों ने खेल मंत्री को लेकर भी बड़ी टिप्पणी की है।
पहलवान पूनिया ने कहा, "उन्होंने (अनुराग ठाकुर) तो हमारा फोन ही नहीं उठाया, हम कहां जाते? वह 12 मिनट भी मुश्किल से हमारे साथ नहीं बैठे। सुप्रीम कोर्ट के अलावा हमें किसी कमेटी, किसी सदस्य पर कोई भरोसा नहीं है, बल्कि दिल्ली पुलिस पर भी भरोसा नहीं है। हम सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने बयान देंगे।"
खेलमंत्री
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने क्या कहा?
मामले में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि वह उनसे (पहलवानों) पहले भी मिल चुके हैं और आरोपों की जांच के लिए एक समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। उसमें बड़ी संख्या में महिला सदस्यों को शामिल किया है ताकि महिला पहलवान आराम से अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को मामले की दिन-प्रतिदिन रिपोर्ट के लिए एक तदर्थ समिति बनाने के लिए भी कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई में आज क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पहलवानों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट से शिकायतकर्ता महिला पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि पूर्व जज की निगरानी में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) करे।
इस दलील पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है। मामले में अब अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
धरना
एक हफ्ते से धरने पर हैं पहलवान
पिछले एक हफ्ते से देश के शीर्ष पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। पहलवानों ने कहा कि उन्होंने 21 अप्रैल को बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की।
7 पहलवानों द्वारा की गई इस शिकायत में एक नाबालिग पहलवान भी शामिल हैं। FIR दर्ज न होने पर पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।