
खुशहाली सूचकांक का खुलासा, भारत से ज्यादा खुश हैं पाकिस्तान और नेपाल के लोग
क्या है खबर?
विश्व खुशहाली सूचकांक 2025 की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें भारत खुशहाल देशों के पायदान में फिसलकर काफी नीचे चला गया है। भारत से ज्यादा खुश उसके पड़ोसी देशों के लोग हैं।
सोशल मीडिया पर भले ही प्रचारित किया जा रहा हो कि पाकिस्तान और नेपाल में लोग महंगाई से त्रस्त हैं, लेकिन खुशहाली सूचकांक बताता है कि वहां के लोग भारत से ज्यादा खुश हैं।
फिनलैंड दुनिया में सबसे खुशहाल देश बना हुआ है।
खुशी
भारत का क्या है हाल?
सूचकांक में 147 देशों की सूची बनाई गई है, जिसमें भारत 118वें स्थान पर है। पिछली बार भारत 126वें स्थान पर था। भारत की रैंक सुधरी है।
सूचकांक में पाकिस्तान भारत से काफी आगे है और खुशहाल है। इस बार सूची में उसे 109वां स्थान मिला है, जबकि नेपाल भी भारत से कही ज्यादा खुश 92वें स्थान पर है।
जब 2012 में यह सर्वे शुरू हुआ था और तब अमेरिका सूची में 11वें स्थान पर था, जो लगातार गिरता गया।
हैप्पीनेस इंडेक्स
दुनिया के 20 सबसे खुशहाल देश
गैलप और यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क के साथ पार्टनरशिप में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर ने गुरुवार को यह रिपोर्ट प्रकाशित की।
इसमें दुनिया के 20 सबसे खुशहाल देशों में फिनलैंड लगातार 8वीं बार पहले पायदान पर कायम है।
इसमें क्रमश: डेनमार्क, आइसलैंड, स्वीडन, नीदरलैंड, कोस्टा रिका, नॉर्वे, इजरायल, लक्जमबर्ग, मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्विटजरलैंड, बेल्जियम, आयरलैंड, लिथुआनिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, स्लोवेनिया और चेक गणराज्य खुशहाल देश हैं।
सूची में अमेरिका 24वें स्थान पर है।
पायदान
कौन हैं सबसे नीचे?
सूची में तालिबान द्वारा शासित अफगानिस्तान सबसे नीचे है। वह 147वें स्थान पर है। उससे एक स्थान ऊपर सिएरा लियोन है, जो 146वें नंबर पर है।
टॉप 10 निचले पायदान वाले देशों में अफगानिस्तान और सिएरा के अलावा लेबनान, मलावी, जिम्बाब्वे, बोत्सवाना, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यमन, कोमोरोस और लेसोथो भी शामिल हैं।
गैलप के जॉन क्लिफ्टन कहते हैं कि खुशी सिर्फ पैसे या विकास से जुड़ा नहीं है बल्कि यह विश्वास, कनेक्शन और सहायता से भी जुड़ा है।
पैमाना
ऐसे तय होता है खुशहाली का पैमाना
यह सूची 6 पैमानों के आधार पर तय की जाती है, जिनमें आय, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सपोर्ट, आजादी, विश्वास और उदारता शामिल हैं।
इसके अलावा किसी देश के नागरिक खुद को कितना खुश महसूस करते हैं और वहां नकारात्मक भावनाओं में कितनी वृद्धि हुई, इसे भी ध्यान में रखा जाता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में 20 मार्च को विश्व खुशहाली दिवस घोषित किया था और हर साल इसी दिन यह सूची जारी होती है।