अल नीनो का 2026 अलर्ट: भारत में बढ़ेगा पारा, बिजली की मांग में भी होगा इजाफा
अल नीनो लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसके अगस्त से अक्टूबर 2026 के दौरान दुनिया के मौसम के मिजाज पर हावी रहने की उम्मीद है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, अल नीनो के प्रभाव के कारण दिन और भी गर्म होंगे, रातें चिपचिपी रहेंगी और बारिश कम होगी, खासकर भारतीय उपमहाद्वीप में। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ सकती है क्योंकि लोग ज्यादा से ज्यादा पंखे और एयर कंडीशनर चलाएंगे और किसानों को सिंचाई के लिए भी पानी चाहिए होगा। दरअसल, इस बढ़ती मांग का असर अभी से दिख रहा है। अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत की बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत बढ़ गई है।
कोयले पर निर्भरता बढ़ने की संभावना
अगर बारिश कम होती है, तो बिजली बनाने में दिक्कत आ सकती है। हाइड्रो पावर प्लांट चलाने के लिए पानी की जरूरत होती है, लेकिन कम बारिश से तालाब और जलाशय उतने नहीं भर पाएंगे जितने आमतौर पर भरते हैं। वैसे तो जुलाई में पवन ऊर्जा ने रिकॉर्ड बनाया और 700 गीगावाट से ज्यादा बिजली पैदा की, लेकिन आगे चलकर अल नीनो का असर मानसून की हवाओं पर भी पड़ सकता है, जिससे यह बिजली का जरिया कमजोर हो सकता है।
एक तरफ सोलर पावर पर इस मौसम का ज्यादा असर नहीं दिख रहा, वहीं दूसरी तरफ हाइड्रो पावर पर खतरा मंडरा रहा है। अगर ये मौसम के बदलाव इसी तरह बने रहे, तो भारत को बिजली की कमी पूरी करने के लिए कोयले के प्लांटों पर ही ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा।