कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें? पेट्रोलियम मंत्री ने दिया जवाब
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी कम हो गई हैं। वैश्विक ब्रेंट क्रूड की कीमत युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर पर आ गई हैं। इसके बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कमी आएगी। इस पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी।
बयान
पुरी बोले- अभी पुरानी कीमत पर खरीदे तेल का इस्तेमाल कर रहे
पुरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं, लेकिन कंपनियां अभी भी उस कच्चे तेल को संसाधित कर रही हैं, जिसे उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के चरम पर खरीदा था। उन्होंने कहा, "हम आज कच्चे तेल के उस भंडार का उपयोग कर रहे हैं, जिसे हमने 2 महीने पहले (तब की कीमतों पर) खरीदा था। अगर यह गिरावट 2-3 महीने तक जारी रहती है, तो हम देखेंगे। लेकिन यह एक काल्पनिक स्थिति है।"
नुकसान
पुरी ने कहा- कंपनियों को 74,000 करोड़ रुपये का नुकसान
पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के चलते 30 जून तक पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत मूल्य से कम पर बेचने के कारण तेल विपणन कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, "विकसित देशों में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत और भारत के पड़ोसी देशों में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन भारत में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि केवल 5.58 प्रतिशत रही।"
कीमत
पुरी ने बताया किस देश में कितना महंगा हुआ ईंधन?
पुरी ने कहा, "फ्रांस, जर्मनी और इटली से शुरुआत करते हैं। 4 महीने की अवधि के दौरान फ्रांस में पेट्रोल 17.74 प्रतिशत, जर्मनी में 19.05 प्रतिशत और इटली में 18.39 प्रतिशत महंगा हुआ। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 39.77 प्रतिशत, श्रीलंका में 36.66 प्रतिशत, नेपाल में 20.3 प्रतिशत और बांग्लादेश में 42.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आप विकासशील देशों और विकसित देशों में पेट्रोल की कीमतों में हुई वृद्धि को देखें।"
कच्चा तेल
कम हुईं कच्चे तेल की कीमतें
ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया था। यहां से वैश्विक तेल परिवहन का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई थीं। हालांकि, जब से अमेरिका और ईरान में समझौता हुआ है, तब से वैश्विक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें कम हुई हैं। अब ये युद्ध शुरू होने से पहले के लगभग 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
नायरा
नायरा ने कम किए दाम
1 जुलाई को देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी। हालांकि, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। मई में पेट्रोल-डीजल के दामों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।