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प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस रवाना: मैक्रों से मुलाकात, G-7 सम्मेलन में हिस्सा; कितना अहम है दौरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रवाना हो गए हैं (फाइल तस्वीर)

प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस रवाना: मैक्रों से मुलाकात, G-7 सम्मेलन में हिस्सा; कितना अहम है दौरा?

लेखन आबिद खान
Jun 13, 2026
05:39 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से 6 दिवसीय यूरोप दौरे पर हैं। इस दौरान वे फ्रांस और स्लोवाकिया जाएंगे। बतौर प्रधानमंत्री मोदी की ये 7वीं फ्रांस यात्रा है। वे वहां नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद G-7 देशों के शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। मोदी स्लोवाकिया की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बन जाएंगे। आइए समझते हैं दौरा कितना अहम है।

कार्यक्रम

सबसे पहले दौरे का कार्यक्रम जानिए

प्रधानमंत्री सबसे पहले 14 जून को फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसी दिन दोनों नेता 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वे 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे। वहां वे अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 18 जून को वे पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम विवाटेक में शामिल होंगे।

फ्रांस

फ्रांस के साथ परमाणु पनडुब्बी पर हो सकती है चर्चा

दोनों देशों के संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाने के बाद मोदी-मैक्रों की ये पहली बैठक होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान भारत-फ्रांस के बीच नौसेना के स्वदेशी परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बी (SSN) कार्यक्रम के लिए सहयोग पर चर्चा आगे बढ़ने की संभावना है। इन पनडुब्बियों का वजन लगभग 10,000 टन होने की उम्मीद है और ये स्वदेशी 190 मेगावाट के परमाणु रिएक्टरों द्वारा संचालित होंगी। भारत के पास फिलहाल एक भी SSN नहीं है।

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अहमियत

कितना अहम है फ्रांस दौरा?

हालिया समय में फ्रांस भारत का अहम रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है। दोनों देशों में रक्षा साझेदारी अहम पहलू बनकर उभरी है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 विमान, राफेल और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। पिछले साल ही दोनों देशों में 26 राफेल मरीन विमान के लिए 63,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है। भारत फ्रांस से 114 राफेल विमानों के लिए भी बातचीत कर रहा है, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा समझौता होगा।

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मुद्दे

भारत-फ्रांस में किन-किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

प्रधानमंत्री मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। नीस में दोनों नेता 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंडों को साथ लाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के दौरान आयोजित होने वाला यह विशेष कार्यक्रम दोनों देशों के बीच मौजूद जीवंत नवाचार साझेदारी को और मजबूत करता है।41

स्लोवाकिया

क्यों अहम है स्लोवाकिया दौरा?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर दौरा कर रहे हैं। 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष फिको के और राष्ट्रपति पेलिग्रिनी के साथ वार्ता करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

G-7

G-7 शिखर सम्मेलन में क्या-क्या होगा?

शिखर सम्मेलन में भू-राजनीतिक संकट, आर्थिक सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विकासात्मक साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा आर्थिक असंतुलन, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, ऑनलाइन सुरक्षा, दुर्लभ खनिज और सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा होगी। ईरान युद्ध और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी सत्र होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। बता दें कि भारत इस समूह का हिस्सा नहीं है, लेकिन आउटरीच देश या विशेष मेहमान के तौर पर बुलाया जाता रहा है।

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