एयर इंडिया के बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमान पर फिर क्यों खड़ा हुआ विवाद? जानिए पूरा मामला
क्या है खबर?
एयर इंडिया के बोइंग-787 ड्रीमलाइनर बेड़े पर फिर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि एक पायलट ने इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच में संभावित खराबी की आशंका जताई है। उसके बाद एयरलाइन ने विमान को ग्राउंडेड कर दिया और मामले को विमान निर्माताओं और भारत के विमानन नियामक के पास भेज दिया। इस घटनाक्रम ने अहमदाबाद विमान हादसे में ईंधन नियंत्रण स्विच से जुड़े अनसुलझे सवालों को फिर खड़ा कर दिया है। उस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी।
सवाल
पायलट ने ईंधन नियंत्रण स्विच को लेकर क्या कहा?
2 फरवरी को एयर इंडिया के एक पायलट ने विमान के इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच में असामान्य व्यवहार की सूचना दी। संबंधित विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था, जो लंदन से बेंगलुरु के आ रहा था। विमान के बेंगलुरु में सुरक्षित उतरने के बाद पायलट ने समस्या पर ध्यान दिलाया। चालक दल का कहना था कि उन्होंने इंजन चालू करने की प्रक्रिया में असामान्य व्यवहार देखा। हालांकि, एयरलाइन ने संदिग्ध खराबी खुलासा किए बिना विमान को ग्राउंडेट कर दिया।
परेशानी
विमान में क्या आई थी परेशानी?
विमानन सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठन सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने कहा कि चालक दल ने इंजन चालू करने की प्रक्रिया के दौरान असामान्य व्यवहार देखा। बाएं इंजन का ईंधन नियंत्रण स्विच 'रन' स्थिति में सुरक्षित नहीं रहा और दो अलग-अलग प्रयासों में 'कटऑफ' की ओर बढ़ गया। पायलट ने गौर किया कि स्विच को दबाने पर वह अपनी जगह से खिसक रहा था और ठीक से लॉक नहीं हो रहा था। विमान VT-ANX करीब 9 साल पुराना है।
प्रतिक्रिया
एयर इंडिया ने मामले पर क्या दी प्रतिक्रिया?
मामले में एयर इंडिया प्रवक्ता ने कहा, "हमारे एक पायलट ने बोइंग 787-8 विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच में खराबी की सूचना दी है। हमने विमान को ग्राउंडेड कर दिया है और मूल उपकरण निर्माता (OEM) से संपर्क कर जांच करवा रहे हैं। इस मामले की जानकारी भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई है।" उन्होंने कहा, "DGCA के निर्देश पर सभी बोइंग-787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच की थी, जिसमें कोई समस्या नहीं मिली थी।"
बोइंग
मामले में बोइंग ने भी जारी किया बयान
एयर इंडिया प्रवक्ता ने कहा, "यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच पूरी होने तक संबंधित विमान सेवा से हटा लिया गया है।" इधर, विमान का निर्माण करने वाली कंपनी बोइंग ने अपनी संलिप्तता की पुष्टि करते हुए कहा, "हम एयर इंडिया के संपर्क में हैं और इस मामले की उनकी समीक्षा में सहयोग कर रहे हैं।" हनीवेल विमान में लगे ईंधन नियंत्रण स्विचों का निर्माता है। उसे मामले की जांच करने को कहा गया है।"
जानकारी
एयर इंडिया ने दिए ईंधन स्विच की जांच के आदेश
एयर इंडिया के फ्लाइट ऑपरेशंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उप्पल ने बताया कि बोइंग-787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विचों का व्यापक जांच के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह पायलटों और कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
स्विच
ईंधन नियंत्रण स्विच कैसे काम करते हैं?
विमान के इंजन प्रबंधन में ईंधन नियंत्रण स्विच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका कार्य इंजनों में ईंधन प्रवाह को नियंत्रित करना है, जिससे पायलट जमीन पर ही इंजनों को चालू या बंद कर सकें। उड़ान के दौरान इंजन में खराबी या असामान्य स्थिति उत्पन्न होने पर इंजन को बंद करने या दोबारा चालू करने के लिए स्विच का मैन्युअल रूप से उपयोग किया जा सकता है। ये स्विच कॉकपिट के केंद्रीय कंसोल पर थ्रस्ट लीवर के नीचे स्थित होते हैं।
इंजन
प्रत्येक इंजन का होता है अलग स्विच
प्रत्येक इंजन का अपना एक अलग स्विच होता है और इन स्विचों को नियंत्रित करने वाले सिस्टम अलग-अलग बिजली आपूर्ति और वायरिंग के साथ स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं। किसी स्विच को 'रन' से 'कटऑफ' या इसके विपरीत बदलने के लिए पायलट को स्विच को ऊपर खींचकर वैकल्पिक सेटिंग पर ले जाना होता है। इस सिस्टम में केवल 2 मोड 'रन' जो इंजन में ईंधन के प्रवाह की अनुमति देता और 'कटऑफ' आपूर्ति रोकता है।
चर्चा
अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद चर्चा में आए ईंधन नियंत्रण स्विच
विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच 12 जून, 2025 को अहमदाबाद विमान हादसे के बाद चर्चा में आए थे। उड़ान भरने के बाद विमान ने अपनी गति खो दी और एक मेडिकल कॉलेज की इमारत में जा गिरा, जिसमें 241 यात्रियों सहित 260 लोग मारे गए। जुलाई 2025 में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AIB) की जांच रिपोर्ट में विमान के टेक-ऑफ के कुछ सेकंड बाद इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच के 'रन' से 'कटऑफ' स्थिति जाने की बात कही थी।