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मुख्य चुनाव आयुक्त के नियुक्ति पैनल में CJI क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त के नियुक्ति पैनल में CJI क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल

लेखन आबिद खान
Jul 31, 2026
11:14 am

क्या है खबर?

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अहम सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने CEC को चुनने वाली समिति में मुख्य न्यायाधीश (CJI) के न होने पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि प्रक्रिया में निष्पक्षता का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए? ये मामला मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है।

टिप्पणी

कोर्ट ने कहा- CBI निदेशक-लोकपाल की नियुक्ति में शामिल थे CJI

जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा, "CBI निदेशक और लोकपाल की नियुक्ति में CJI चयन समिति का हिस्सा थे। फिर CEC और EC जैसे अहम पदों की नियुक्ति में उन्हें क्यों शामिल नहीं किया गया? इसका क्या कारण हो सकता है? ये पद 'लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण' पदों में गिने जाते हैं।"

मामले पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सरकार

सरकार बोली- प्रधानमंत्री गलत नीयत से काम करेंगे, ये सोचना गलत

सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "प्रधानमंत्री के पद से एक पवित्रता जुड़ी हुई है। कोर्ट ये मानकर नहीं चल सकता कि प्रधानमंत्री गलत काम करेंगे। यह गलत होगा कि चयन समिति में बहुमत होने के कारण प्रधानमंत्री 'गलत मंशा' से काम करेंगे या लोकतंत्र के खिलाफ जाएंगे। अगर प्रधानमंत्री के फैसले को भरोसे लायक नहीं माना जाएगा, तो क्या मंत्रिमंडल चुनते समय भी उन्हें किसी पूर्व जज से सलाह लेने की शर्त रखी जाएगी?

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कोर्ट

कोर्ट बोला- प्रधानमंत्री पर कोई अविश्वास नहीं

कोर्ट ने कहा, "हम प्रधानमंत्री पर भरोसा क्यों नहीं करेंगे? निश्चित रूप से करेंगे। CEC और EC पूरी तरह स्वतंत्र होने चाहिए। प्रक्रिया में निष्पक्षता दिखनी भी चाहिए। जैसे न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। यहां भी यही सिद्धांत लागू होता है। पहले हमने प्रधानमंत्री पर भरोसा जताया था कि आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सरकार में कितने ऐसे मंत्री हैं, जिनके खिलाफ अदालतों में मामले लंबित हैं।"

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मामला

क्या है मामला?

सुप्रीम कोर्ट 2023 में लाए गए अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इसके तहत CEC-EC की नियुक्ति एक पैनल करता है, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री होते हैं।

इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि जब तक कानून नहीं बन जाता, तब तक नियुक्तियां प्रधानमंत्री, CJI और विपक्ष के नेता वाला पैनल करेगा।

यानी सरकार ने पैनल से CJI को बाहर कर दिया है।

विवाद

CEC की नियुक्ति को लेकर क्या है विवाद?

मार्च, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक समिति करेगी, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और CJI शामिल होंगे।

इसके बाद सरकार एक अधिनियम लेकर आई। इसके जरिए समिति में CJI की जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया।

यानी अब समिति के कुल 3 लोगों में से 2 लोग सरकार के हैं। विपक्ष का कहना है कि इससे सरकार मनमर्जी से CEC नियुक्त कर सकेगी।

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