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LPG ग्राहकों को PNG में क्यों शिफ्ट कर रही केंद्र? जानिए कैसे मिलेगा कनेक्शन और फायदा
PNG पर शिफ्ट करने से LPG सिलेंडर पर बोझ कम होगा

LPG ग्राहकों को PNG में क्यों शिफ्ट कर रही केंद्र? जानिए कैसे मिलेगा कनेक्शन और फायदा

लेखन गजेंद्र
Mar 26, 2026
03:55 pm

क्या है खबर?

पश्चिमी एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अधिकतर भारतीय घरों में खाना पकाने का तरीका बदल सकता है। केंद्र सरकार गैस सिलेंडर वाले तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) ग्राहकों को पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (PNG) लेने को कह रही है। यह पाइप से घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस है, जिससे सिलेंडर का झंझट खत्म होगा। हालांकि, भारत में कई शहर हैं, जहां पाइपलाइन नहीं है। ऐसे में यह कनेक्शन किसको और कैसे मिलेगा? इसका क्या फायदा है? आइए, जानते हैं।

कनेक्शन

क्या 3 महीने के अंदर सभी को लेना होगा PNG कनेक्शन?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने LPG ग्राहकों को 3 महीने के अंदर PNG कनेक्शन लेने को कहा है। अगर कनेक्शन नहीं लिया तो सिलेंडर की बुकिंग बंद होगी। इस फैसले से लोगों में हड़कंप है। हालांकि, यह आदेश सभी के लिए नहीं है। जिन इलाकों में और घरों के आसपास PNG सुविधा है, सिर्फ उनको ही 3 महीने की मोहलत है। उन्हें हर हाल में PNG कनेक्शन लेना है। जिन घरों के आसपास अभी PNG लाइन नहीं है, उनको सिलेंडर मिलता रहेगा।

शिफ्टिंग

कब तक LPG से PNG में शिफ्ट हो जाएंगे ग्राहक

अभी भारत में 33 करोड़ से अधिक घरेलू LPG उपभोक्ता हैं। यह सिलेंडर के रूप में घर-घर जाता है। हालांकि, वैश्विक संकट से इसकी आपूर्ति में कमी आई है, जिसके लिए सरकार ने उपाय किए हैं। अभी भारत में 1.60 करोड़ PNG उपभोक्ता हैं। सरकार यह आंकड़ा बढ़ाना चाहती है। LPG संकट के बाद मार्च में ही 2.50 लाख से अधिक नए कनेक्शन दिए गए हैं। सरकार 2023 तक PNG ग्राहकों की संख्या 12.63 करोड़ करना चाहती है।

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उपाय

PNG का दायरा बढ़ाने के लिए क्या कर रही है सरकार?

केंद्र ने PNG का दायरा बढ़ाने के लिए हाल में नियम बदले हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 जारी किया है। इसके तहत अगर पाइपलाइन बिछाने के लिए सरकारी मंजूरी निर्धारित समय में नहीं मिलती तो इसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। तेल-गैस कंपनियों को अब राज्यों-विभागों से अलग-अलग मंजूरी नहीं लेनी होगी। स्थानीय निकाय कंपनियों से शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। इससे पाइप बिछाने का काम तेज होगा।

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कनेक्शन

कैसे ले सकते हैं PNG कनेक्शन?

PNG कनेक्शन तभी मिलेगा, जब आपके इलाके में पाइपलाइन बिछी हो। इसके लिए आपको अपने शहर की गैस वितरण कंपनी जैसे IGL, IOCL, की वेबसाइट में जाए और उसमें पिनकोड डालकर चेक करें। कंपनी की वेबसाइट में जाकर नया PNG कनेक्शन फॉर्म फरें और दस्तावेज अपलोड करें। मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। कुछ कंपनियां हेल्पलाइन नंबर पर भी PNG की उपलब्धता और आवेदन की पूरी जानकारी दे रही हैं।

खर्च

कितना आएगा खर्च?

आवेदन होने के बाद कंपनी सर्वे करती है, जिसके बाद पाइप घर तक पहुंच सकती है। PNG कनेक्शन के लिए कुछ कंपनियां छूट भी दे रही हैं। इसमें सिक्योरिटी राशि 5,000 से 7,000 रुपये होगी, जिसमें मीटर और पाइप लगता है। करीब 500 से 1,150 रुपये आवेदन फीस जमा करनी होती है। हालांकि, कई कंपनियां इसे माफ कर रही हैं। एक बार PNG कनेक्शन लगने पर हर महीने सिलेंडर बुकिंग और उसको रखने की चिंता नहीं होगी।

सुरक्षित

सिलेंडर से कितना सस्ता और सुरक्षित है PNG?

एक सिलेंडर को भराने में हर महीने 990 से 1,200 रुपये का खर्च आता है, वहीं PNG में मासिक खर्च SCM यूनिट के आधार पर आता है। SCM प्रति यूनिट शहर के हिसाब से 47-50 रुपये हो सकती है। ऐसे में एक सिलेंडर के बराबर लोग अनुमानित 15-16 SCM खर्च करते हैं। इस हिसाब से प्रति महीना खर्च 750-800 रुपये आता है, जो 10-20 प्रतिशत सस्ता पड़ता है। डिलीवरी, बुकिंग का कोई झंझट नहीं। यह पूरी तरह सुरक्षित है।

सवाल

आखिर LPG की जगह PNG की इतनी उपलब्धता कैसे है?

सवाल है कि केंद्र LPG संकट से लोगों को PNG में शिफ्ट कर रही है, तो क्या देश में PNG भरपूर है? दरअसल, भारत में सालाना 3.20 करोड़ मीट्रिक टन LPG खपत है, जिसका घरेलू उत्पादन 40 प्रतिशत और करीब 60 प्रतिशत आयात होता है, जिसमें 90 प्रतिशत खाड़ी देशों से आता है। PNG तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से 50 प्रतिशत घरेलू उत्पादन, 50 प्रतिशत आयात से मिलता है। अगर LPG कनेक्शन घटे तो PNG -LPG दोनों को आपूर्ति मिलेगी।

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